सहारनपुर। अंबाला की एक डिस्टलरी से अवैध तरीके से यूपी में बेचने के लिए लाई जा रही करीब 20 लाख रुपये की शराब पकड़ने के साथ ही आबकारी टीम ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आबकारी विभाग की ओर से संबंधित डिस्टलरी के मालिक और अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
अभी तक तस्करी की शराब ही पकड़ी जाती रही हैं, लेकिन इस बार पकड़ी गई शराब से खुलासा हुआ है कि हरियाणा की डिस्टलरी भी इस गोरखधंधे में पीछे नहीं हैं। जो फर्जी कागजातों के जरिए अवैध तरीके से यूपी में शराब की सप्लाई कर रही है।
आबकारी निरीक्षक सीपी सिंह, जे के कुलश्रेष्ठ, श्याम देव प्रसाद तथा एसएसएफ निरीक्षक एसएस चौहान ने मंगलवार को शाहजहांपुर से कुतुबपुर मार्ग पर घेराबंदी कर एक केंटर को रोककर तलाशी ली तो देशी शराब के पव्वों की 625 पेटियां बरामद हुईं। 200 पेटियों के प्लास्टिक के पव्वों के नीचे यूपी एक्साइज अंकित था, जबकि 425 पेटियों से निकले पव्वों पर कोई लेवल नहीं लगा था। उनके ढक्कनों पर अंबाला के ग्राम बजैला स्थित एनवी डिस्टलरी का नाम अंकित था।
आबकारी निरीक्षक सी पी सिंह के मुताबिक पकड़े गए कन्नौज के उदयनगर निवासी मोनू तथा फरुर्खाबाद के नितिन ने पूछताछ में खुलासा किया कि ये शराब उन्हें एनवी डिस्टलरी से दी गई थी। जिसे मेरठ में संदीप नाम के व्यक्ति को सौंपनी था। वहां से ये शराब आगे जानी थी। जांच में संबंधित शराब के सभी कागजात और उन पर लगी हरियाणा एक्साइज की मुहर आदि फर्जी पाई गई। आबकारी अधिकारियों ने बताया कि उक्त डिस्टलरी द्वारा फर्जी कागज तैयार कर एटा तथा मैनपुरी आदि ऐसे जिलों में शराब सप्लाई की जाती हैं, जहां शराब की दुकानें अलग-अलग लोगों के नाम हैं। बरामद शराब की कीमत 15 से 20 लाख रुपये है। एसएसएफ के निरीक्षक एसएस चौहान की ओर से डिस्टलरी के मालिक, जीएम, ट्रांसपोर्टर तथा पकड़े गए दोनों लोगों के खिलाफ सरसावा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।