- सरकारी आंकड़ों में खुली पोल, अब तक 71.77 फीसदी के बन पाए आयुष्मान कार्ड
- बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने की रफ्तार धीमी, मंडल में 1,18,670 लाख बने कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सहारनपुर मंडल में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का दायरा लगातार बढ़ाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सरकारी आंकड़े इन दावों की पोल खोल रहे हैं। जुलाई 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, मंडल के 34,08,887 लाभार्थियों में से 9,62,265 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनका अभी आयुष्मान कार्ड नहीं बना है। यानी 28.23 प्रतिशत लाभार्थी आज भी इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना से वंचित हैं।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसे 23 सितंबर 2018 को शुरू किया गया था। इसके तहत पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक का इलाज मिलता है। सहारनपुर मंडल में 7,35,581 लाभार्थी परिवार हैं। 34,08,887 पात्र लाभार्थी हैं। इनमें से 24,46,622 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 9,62,265 पात्र लाभार्थी अभी आयुष्मान कार्ड से वंचित हैं। 6,26,588 लाभार्थी योजना का लाभ ले चुके हैं। 6,04,583 को उपचार मिल चुका है, जिनका अस्पतालों ने क्लेम किया है। मंडल में 70 साल से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने की रफ्तार काफी धीमी है। अब तक 1,18,670 बुजुर्गों के ही आयुष्मान कार्ड बन पाए हैं। शामली की स्थिति ठीक नहीं है।
जागरूकता की कमी आ रही सामने
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जागरूकता की कमी, दस्तावेज की समस्याएं आयुष्मान कार्ड बनाने में आ रही हैं। आयुष्मान कार्ड सामान्य कार्ड नहीं है, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए इलाज की आर्थिक सुरक्षा की गारंटी है। ऐसे में जिन पात्र परिवारों के किसी सदस्य का भी कार्ड नहीं बना है, वह बीमारी आने पर आर्थिक संकट का सामना कर सकते हैं।
फैक्ट फाइल
जिला लाभार्थी परिवार पात्र लाभार्थी बने आयुष्मान कार्ड प्रतिशत में आयुष्मान कार्ड 70 साल प्लस
सहारनपुर 363580 1645445 1237313 75.20 50082
मुजफ्फरनगर - 255612 1234930 762580 61.75 47258
शामली 116389 528512 446729 84.53 21330
वर्जन
हर पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनवाना प्राथमिकता है। इस संबंध में तीनों जिलों की आयुष्मान योजना के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएं। - डॉ. कुमुद रानी, एडी हेल्थ