सहारनपुर। काजी परिवार में जमा कड़वाहट का कोहरा छटता नजर आ रहा है। सोमवार को एक समारोह में दोनों परिवार एक दूसरे के साथ गर्मजोशी के साथ मिले, साथ खाना भी खाया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही परिवार के मिलन की फोटोज के बाद सियासी क्षेत्र में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग परिवार के इस मिलन के सियासी मायने निकालने लगे हैं। माना जा रहा है कि लोक सभा चुनाव में भाजपा की जीत ने काजी परिवार को एकजुट होने पर मजबूर किया है। दोनों ही खेमों के समर्थक खासकर मुस्लिम समाज इसे लेकर उत्साहित हैं।
काजी परिवार में वर्ष 2013 में फूट पड़ी। इमरान मसूद परिवार से अलग हो गए और अपना अलग झंडा बुलंद करने का निर्णय लिया। इसके बाद 2014 में हुए लोक सभा चुनाव में काजी रशीद मसूद के सुपुत्र शाजान मसूद सपा के टिकट पर और इमरान मसूद कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े। इसमें एक ओर जहां इमरान मसूद को हार का सामना करना पड़ा, वहीं शाजान मसूद अपनी जमानत तक जब्त होने से नहीं बचा सके थे। इसके बाद विधान सभा चुनाव में दोनों परिवार आमने-सामने रहे। मौजूदा समय में कांग्रेस में वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष काजी इमरान मसूद सपा के साथ कांग्रेस का गठबंधन होने के बावजूद मनमाफिक परिणाम नहीं पा सके। इसके बाद निकाय चुनाव में शाजान मसूद की पत्नी को बसपा से महापौर का टिकट मिलने जा रहा था, मगर ऐन वक्त पर बसपा ने टिकट काटकर फजलुर्रहमान को थमा दिया। मगर इसके बावजूद बसपा में काजी फैक्टर नजर आया। नतीजा यह रहा कि महापौर चुनाव में बसपा के फजलुर्रहमान मात्र दो हजार वोटों से हारे। यानी मुस्लिमों ने बसपा को वोट दिया। उधर, इमरान मसूद द्वारा कांग्रेस के टिकट पर महापौर का चुनाव लड़ाए गए शशि वालिया भी 70 हजार से अधिक वोट पा गए। लोक सभा चुनाव से निकाय चुनाव तक में अलग-अलग लड़कर भाजपा को मजबूत होता देख काजी परिवार एकजुट होने को मजबूर होता नजर आ रहा है। सोमवार की रात गंगोह में आयोजित एक समारोह में पूरा परिवार एकजुट नजर आया। लोक सभा चुनाव में एक-दूसरे के आमने-सामने चुनाव लड़े काजी इमरान मसूद और शाजान मसूद अगल-बगल बैठकर हंसी मजाक करते नजर आए। नोमान मसूद ने भी चाचा काजी रशीद मसूद का गर्मजोशी से स्वागत किया और पुराने अंदाज में घंटों बातें की। दोनों परिवारों की एकजुटता की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने से सियासी हलके में हलचल तेज हो गई है। लोग इसके सियासी मायने निकालने लगे हैं। माना जा रहा है कि परिवार का यह मिलन 2019 के लोक सभा चुनाव में कोई गुल खिला सकता है।
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हमारा परिवार पहले से एक है। यह नई बात नहीं है। भाई नोमान की शादी को 25 साल हुए हैं, जिसकी सिल्वर जुबली मनाई गई है। काजी साहब को न्यौता भेजा गया था और वह पूरे परिवार के साथ आए। हमें खुशी हुई कि वह पारिवारिक फंक्शन में आए। और हम चाहते भी यही हैं कि परिवार एक ही रहे।
इमरान मसूद।
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हमारा परिवार एक ही है। हम एक-दूसरे के सुख और दुख में शरीक होते रहे हैं। मगर सियासी तौर पर हम आज भी अलग-अलग हैं। उनकी अपनी सोच है और हमारी अपनी।
शाजान मसूद।