ग्राम समाज की भूमि का रिकार्ड खंगालने की तैयारी में प्रशासन
सहारनपुर। ग्राम समाज की भूमि के रिकार्ड और वर्तमान में उसकी वस्तुस्थिति जानने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसके लिए वर्ष 1950 का दर्ज ग्राम समाज की जमीन और आज ग्राम समाज की भूमि के रिकार्ड को खंगाला जाएगा। इसकी समीक्षा के लिए 5 फरवरी को जिलाधिकारी की सभी उप जिलाधिकारियों के साथ बैठक तय की गई है।
ग्राम समाज की भूमि में हुई गड़बड़ियों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रवैया अपना रहा है। इसके लिए प्रशासन वर्ष 1950 यानि फसली वर्ष 1359 के राजस्व रिकार्ड में ग्राम समाज की कितनी जमीन दर्ज है और आज क्या हालत है इसकी जांच करेगा। इसको जांचने को लेकर वर्ष 1950 के रिकार्ड के साथ ही आज के रिकार्डों को भी खंगाला जाएगा। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार ने बताया कि इन दोनों रिकार्डों की जांच करने से पता चल जाएगा कि ग्राम समाज के रकबे में कब और कैसे कमी आई। उन्होंने बताया कि इस बीच जिले में दो बार चकबंदी भी हो चुकी है। पट्टों के आवंटन आदि को भी जांच के दायरे में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि इसको लेकर 5 फरवरी को होने वाली बैठक के बाद जांच का कार्य आगे बढे़गा।
शुरू नहीं हो पाया अतिक्रमण चिन्हीकरण अभियान
सहारनपुर। ढमोला नदी पर हुए अतिक्रमण को चिह्नित करने का अभियान सोमवार से शुरू नहीं हो सका। चिह्नीकरण टीम में लगाए गए राजस्व निरीक्षकों का प्रशिक्षण होने के कारण अब यह कार्य मंगलवार से शुरू किया जाएगा। ढमोला नदी क्षेत्र में हुए अतिक्रमण का चिह्नीकरण के लिए प्रशासन ने 29 जनवरी से 4 फरवरी तक की समय तय किया हुआ है। बता दें कि वर्ष 2013 में आई बाढ़ में ढमोला नदी में अतिक्रमण के चलते कई कालोनियों में लोगों के घरों में पानी भर गया था। जिससे काफी हानि हुई थी।