सहारनपुर। अगर आप शादी या पार्टी में पनीर को बड़े शौक से खा रहे हैं तो सावधान रहिए। पनीर खाने लायक नहीं है। इसका खुलासा खाद्य सुरक्षा विभाग की लैब से आई जांच रिपोर्ट में हुआ है। 77 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में फेल पाए गए। दो नमूने जांच में पास मिले हैं। मिलावटखोरों पर कार्रवाई के लिए कोर्ट में वाद दायर कराया गया है।
चार अक्तूबर 2024 को महेश्वरी खुर्द ताजपुरा में इसरार के यहां से पनीर का लिया नमूना जांच में असुरक्षित आया है। देवबंद में भारत डेरी पनीर फैक्टरी से दो पनीर, रिफाइंड पामोलिन ऑयल जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे। पनीर के दोनों नमूने असुरक्षित व रिफाइंड अधोमानक पाया गया है। रामपुर मनिहारान में पाल ट्रेडर्स (सॉस फैक्टरी) से लिए टोमेटो सॉस का नमूना असुरक्षित, सोया सॉस व मैदा अधोमानक मिला। रामपुर मनिहारान में मेहरबान की पनीर फैक्टरी से दूध, रिफाइंड का अधोमानक, पनीर के दो नमूने असुरक्षित पाए गए। सरसावा में भारत डेरी से पनीर का नमूना असुरक्षित व अधोमानक पाया गया। घी अधोमानक है। हथिनीकुंड कुंड बैराज हरियाणा बॉर्डर से पनीर के दो नमूने हुए थे। जांच में एक नमूना असुरक्षित व दूसरा पास निकला है। गंगोह के रसूलपुर में नकली घी फैक्टरी से लिए गए क्रीम, घी, स्किम्ड मिल्क पाउडर, वनस्पति, रिफाइंड के नमूने भी जांच में मानक पर खतरे नहीं उतर पाए।
हलवाई हट्टा से मावा के दो नमूने हुए। इसमें से एक असुरक्षित व दूसरा अधोमानक मिला है। इस तरह सात महीने में विभाग ने 23 बड़ी कार्रवाई की गई। एडीएम प्रशासन और एसीजेएम कोर्ट में वाद दायर किए गए।