नकुड़ (सहारनपुर)। शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे विद्वानों द्वारा संपन्न कराये गए 108 कुंडीय श्रद्धा संवर्धन गायत्री महायज्ञ के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने महायज्ञ में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं ने घर परिवार के साथ समाज और विश्व की शांति के कल्याण के लिए कामना करते हुए हवनकुंड में मंत्रोच्चार के बीच एक साथ हजारों आहुतियां डाली तथा नवयुग निर्माण में समय दान का संकल्प लिया।
क्षेत्र के गांव बिड़वी में मुख्य यज्ञ आचार्य विश्वनाथ त्रिपाठी के प्रतिनिधित्व में शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे गायत्री परिवार के विद्वानों द्वारा सबको सद्बुद्धि, सबके उज्ज्वल भविष्य और विश्व शांति की कामना की पूर्णाहुति के साथ गत चार दिनों से कराये जा रहे 108 कुंडीय श्रद्धा संवर्धन गायत्री महायज्ञ का सोमवार को समापन हो गया। इस दौरान यज्ञ, हवन, पूजन, दीक्षा, संस्कार, प्रवचन तथा दीपयज्ञ का आयोजन किया गया। मुख्य यज्ञ आचार्य विश्वनाथ त्रिपाठी ने परिवार, समाज व देश में कलह व अशांति का कारण कुबुद्धि को बताते हुए सद्बुध्दि प्राप्ति का एकमात्र उपाय गायत्री मंत्र की साधना बताया।
हवन के बाद गायत्री मां की संगीतमय आरती उतारी गई। साधकों ने यज्ञशाला की परिक्रमा की और अंत में प्रसाद ग्रहण किया। यज्ञ में क्षेत्र सहित आसपास के जनपदों से पधारे श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर धर्म लाभ उठाया। इससे पूर्व रविवार की शाम सभी धर्मों के लोगों को एक सूत्री में पिरोने के लिए सहस्त्र दीपकों से दीपयज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदेश सरकार में आयुष मंत्री डॉ. धर्मसिंह सैनी ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर आशीर्वाद लिया और गायत्री परिवार को मानव जाति, समाज एवं देश की एकजुटता के लिए काम करने वाला धार्मिक और सामाजिक संगठन बताया। डा. धर्मसिंह सैनी को गायत्री परिवार की ओर से महाविज्ञान ग्रंथ भेंट किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डा. महेश शर्मा, सुरेश शर्मा, शांता प्रसाद, संजय शर्मा, मदनपाल, राधेश्याम शर्मा, अखिलेश शर्मा, अनूप सिंह, राजेश सिकरी, आदेश सिकरी, क्रिपाल सिंह, सुरेश राहिला, नीरज सिंह आदि का योगदान रहा।