सहारनपुर। पूर्ति विभाग पिछले पांच माह से उचित दर विक्रेताओं से खाद्यान्न नहीं लेने वाले राशन कार्डों की जांच करा रहा है। जांच के पहले चरण में 700 राशनकार्ड धारक ऐसे मिले जो या तो जनपद से बाहर चले गए या फिर उनकी मौत हो गई। पूर्ति विभाग ऐसे राशन कार्डों को निरस्त कर नए पात्र लोगों के राशन कार्ड बनाएगा।
जनपद में 5.84 लाख राशन कार्डों पर प्रतिमाह खाद्यान्न का वितरण होता है। इनमें से 54618 राशन कार्ड अंत्योदय और 529380 राशन कार्ड पात्र गृहस्थी योजना के हैं। इनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नियमित खाद्यान्न का वितरण होता है। इसमें पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को प्रति यूनिट पांच किलो खाद्यान्न और अंत्योदय कार्ड पर 35 किलो खाद्यान्न प्रति माह मिलता है। इसके अलावा कोरोना संकट के चलते सभी राशनकार्ड धारकों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रति यूनिट पांच किलो खाद्यान्न निशुल्क मिल रहा है। पिछले पांच महीने से जनपद के करीब 7400 राशन कार्डों पर खाद्यान्न का वितरण नहीं हो रहा था। पूर्ति विभाग ने ऐसे राशनकार्ड धारकों की जांच का निर्णय लिया। जिससे यह पता चल सके कि खाद्यान्न नहीं लेने वाले राशनकार्ड धारक कहीं दूसरे जनपद या राज्य में तो शिफ्ट नहीं हो गए हैं या फिर उन्हें सस्ते गल्ले के राशन की आवश्यकता नहीं है। जांच के प्रथम चरण में 700 राशन कार्ड धारक ऐसे मिले हैं जो जनपद से बाहर चले गए या फिर उनकी मृत्यु हो गई है। पूर्ति विभाग ने ऐसे राशन कार्डों को निरस्त करने का निर्णय लिया है। जांच के दूसरे चरण में ऐसे ओर राशनकार्ड मिलने की उम्मीद है।
जनपद में 7400 राशन कार्डों पर पिछले पांच महीने से उचित दर विक्रेताओं से खाद्यान्न नहीं लिया जा रहा था। इन राशन कार्डों की जांच कराई जा रही है। जांच के प्रथम चरण में 700 राशन कार्डधारक ऐसे पाए गए हैं। इनमें से 30 राशन कार्डधारक मृतक मिले, जबकि अन्य बाहर चले गए हैं। ऐसे राशन कार्डों को निरस्त कर नए पात्रों के राशन कार्ड बनाए जाएंगे।
- सतीश कुमार मिश्र, जिला पूर्ति अधिकारी।