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समायोजन रद्द होने से हताश शिक्षामित्रों का आंदोलन जारी

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समायोजन रद्द होने से हताश
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शिक्षा मित्रों का आंदोलन जारी

सहारनपुर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समयोजन रद्द किए जाने से हताशा शिक्षामित्रों का आंदोलन दूसरे दिन भी जा रहा। शिक्षामित्रों ने धरना देते हुए राज्य सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याकिा शीघ्र दाखिल किए जाने की मांग की।
गुरुवार को हकीकत नगर चौक स्थित धरना स्थल पर प्रात: 11 बजे से एकत्रित हुए शिक्षामित्रों ने जोरदार धरना दिया। शिक्षामित्रों ने सभी एकजुट होते हुए आंदोलन में भागीदारी का आह्वान किया। इस मौके पर उन्होंने समायोजन के संबंध में राज्य सरकार व बेसिक शिक्षा परिषद एवं संगठन व अन्य द्वारा दायर अपील पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षा मित्रों का समायोजना निरस्त कर दिया गया है। जिससे एक लाख सत्तर हजार शिक्षामित्र व उनके परिवार पर रोजी-रोटी का गहरा संकट उत्पन्न हो गया है और इस फैसले से प्राथमिक शिक्षा पर भी गहरा संकट उत्पन्न हो गया है।
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शिक्षामित्रों ने मांग की कि राज्य सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका शीघ्र दाखिल कराया जाये तथा राज्य सरकार समायोजित शिक्षकों व शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए उचित निर्णय लें। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले अब तक लगभग 15 शिक्षक आत्म हत्या जैसा कदम उठा चुके है। वर्तमान सकरार की आरे से अब तक समायोजित शिक्षकों के पक्ष में कोई भी आश्वासन नहीं दिया गया है। जिससे शिक्षामित्रों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि हम अपनी लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ेगा। शिक्षामित्रों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी रामेंद्र कुमार सिंह ज्ञापन दिया। इस दौरान अंजू कश्यप, नरेश कुमार, नौशाद, मो. तहसीलन, अहसान, प्रवेज आलम, संदीप कुमार, गुरदीप सिंह, रविंद्र कुमार, सुशील त्यागी, विजेंद्र शर्मा, अमित शर्मा, जनक सिंह, रविकांत यादव, निरंजन सिंह, रामकुमार, अहसान अली आदि मौजूद रहे।
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