आर्य समाज के वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन वैदिक विद्वान संजय याज्ञिक ने कहा कि शारीरिक, आत्मिक व सामाजिक उन्नति का मार्ग आर्य समाज के सिद्धांतों के अनुरूप चलने से ही मिलता है।
नगर के आर्य समाज मंदिर में मनाये जा रहे आर्य समाज के वार्षिकोत्सव में पंडित संजय याज्ञिक ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मानव जैसा कर्म करता है उसे उसका वैसा ही फल मिलता है। उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी जी जैसा महापुरुष अन्य कोई नही हुआ है। उन्होंने ही देश की स्वतंत्रता की नींव रखी थी। पानीपत से पधारे पंडित संदीप ने अपने मधुर भजनों के द्वारा उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। यज्ञ के यज्ञमान विपिन सैनी, मंदिर के प्रधान अभय सैनी एडवोकेट, डा. मांगेराम, डा. शिवकुमार, डा. संदीप सैनी, डा. उमेश शर्मा, अमरीश कुमार, तेलूराम सैनी, हरिदत्त आर्य, अनिल गुप्ता, मंत्री भूपेंद्र आर्य, विवेक सैनी, सत्यवीर त्यागी, राजेंद्र सिंह व सतीश आर्य आदि रहे।