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ATS के रडार पर 473 'मकतब': लखनऊ से मिले आदेश पर रिकाॅर्ड खंगालेगी एटीएस देवबंद, फंडिंग कहां से? होगी जांच

Mon, 28 Oct 2024 12:19 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

मदरसाें के बाद अब सहारनपुर मंडल के चार साै से भी ज्यादा मकतब यूपी एटीएस के रडार पर आ गए हैं। लखनऊ मुख्यालय से देवबंद एटीएस को तीन जिलों की सूची भेजी गई है, जिसके बाद एटीएस आठ बिंदुओं पर जांच करेगी।
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दारूल उलूम देवबंद
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विस्तार
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संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सहारनपुर मंडल हमेशा सुर्खियों रहा है। मदरसों के बाद सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर के 473 मकतब एटीएस के निशाने पर आ गए हैं, जिनकी संपत्ति, पंजीकरण और फंडिंग से लेकर आठ बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी गई है। कई जगहों पर मस्जिदों में भी मकतब संचालित हैं।

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कई बार संदिग्ध आतंकी भी पकड़ चुकी है एटीएस
दरअसल, देश में कहीं भी देश विरोधी घटना होती है तो अधिकांश मामलों में उसके तार सहारनपुर और देवबंद से जुड़ते हैं। एटीएस सहारनपुर से कई बार संदिग्ध आतंकी भी पकड़ चुकी है। इसके अलावा बांग्लादेशी और रोहिंग्या यहां से गिरफ्तार हुए।

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संपत्ति, पंजीकरण और फंडिंग की होगी जांच
कुछ समय पहले मदरसों की जांच कराई गई थी, जिसके बाद अब मुख्यालय की तरफ से सहारनपुर मंडल के 473 मकतब को लेकर एटीएस देवबंद को सूची भेजी गई है। इसमें सहारनपुर के 118, शामली के 190 और मुजफ्फरनगर 165 मकतब शामिल हैं, जिनकी जांच शुरू कर दी गई है। कई बिंदुओं पर जांच होगी, जिसमें पंजीकरण से लेकर संपत्ति और फंडिंग आदि शामिल है।

मुख्यालय की तरफ से सूची मिलने के बाद अब एटीएस इनका ब्योरा जुटाने में लगी है। तीनों जिलों के जिला अल्पसंख्यक विभाग से भी रिकॉर्ड लिया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो सूचना मिल रही थी कि कुछ मकतब बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। ऐसे में उनकी फंडिंग कहां से हो रही है सबसे अहम जांच इस बिंदु पर होगी।

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ये होते हैं मकतब
मकतब एक तरह से छोटे मदरसे ही हैं। यहां छोटे बच्चों को दीनी तालीम दी जाती है। कुछ मकतब मदरसों में भी चलते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में गली-मोहल्लों और गांवों में भी छोटे-छोटे भवनों में भी मकतब चल रहे हैं। इनमें अगर कोई देश विरोधी गतिविधि मिलती तो इनके संचालकों पर शिकंजा कसेगा।
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