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गंगोह में नर्सों के भरोसे 30 बिस्तर का महिला अस्पताल

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सहारनपुर/गंगोह। सीएचसी गंगोह जिले की सबसे संवेदनशील और एफआरयू का दर्जा प्राप्त है। यह सीएचसी चिकित्सकों की कमी का शिकार है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। यहां 30 बिस्तर का महिला अस्पताल नर्सों के भरोसे है। इसमें जच्चा-बच्चा की जिंदगी को खतरा रहता है।
जननी और बाल सुरक्षा को लेकर केंद्र तथा प्रदेश सरकार कई योजनाएं चला रही हैं, लेकिन सीएचसी गंगोह में 30 बिस्तर का महिला अस्पताल केवल नर्सों के भरोसे संचालित है। यहां स्त्री एवं प्रसूता रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं और गर्भवती समस्याएं लेकर यहां पहुंचती हैं। ऐसे में वे केवल नर्सों के भरोसे पर इलाज कराती आ रही हैं। यहां हर माह 300 से 400 प्रसव होते हैं। गंभीर गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। सीएचसी गंगोह से जिला महिला अस्पताल की दूसरी 50 किलोमीटर होने की वजह से परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले जाने को मजबूर होते हैं।
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ओपीडी में पहुंचते हैं प्रतिदिन 400 मरीज
सीएचसी की ओपीडी में प्रतिदिन 350 से 400 मरीज पहुंच रहे हैं। सीएचसी पर चिकित्सकों के छह पद सर्जित हैं। यहां मात्र एक प्रभारी चिकित्सक ही तैनात हैं। सर्जन न होने से यहां आने वाले घायलों को रेफर कर दिया जाता है।
एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं
गंगोह सीएचसी मंडल की एकमात्र एनक्यूएएस (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड) सीएचसी है। इसके बावजूद यहां एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है।
चिकित्सकों की सबसे ज्यादा जरूरत
समाजसेवी अरविंद पाल कपूर का कहना है कि पूर्व में सीएचसी गंगोह में ज्यादातर सुविधाएं थी। सबसे अधिक जरूरत चिकित्सक की है, लेकिन मात्र एक चिकित्सक तैनात है।
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जनहित की सुविधाएं बढ़ाई जाएं
व्यापारी नेता मनोज गोयल का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है। सीएचसी पर जनहित में सुविधाएं बढ़ाई जाएं।
महिला चिकित्सक की तैनाती हो
समाज सेविका पल्लवी अरोड़ा ने मांग की कि सीएचसी पर महिला चिकित्सक की तैनाती की जाए। महिलाएं कई समस्याएं पुरुष चिकित्सकों को नहीं बता सकती हैं।
वर्जन
सीएचसी में चिकित्सकों की कमी है, लेकिन प्रयास यही रहता है कि संसाधनों का अधिक से अधिक इस्तेमाल कर आमजन को लाभ पहुंचाया जाए। इसके बावजूद कई मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है।-डॉ. रोहित वालिया, प्रभारी चिकित्सक
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