सहारनपुर। बाबा श्री जाहरवीर गोगा महाराज की शान में शुक्ल पक्ष की दशमी पर गोगा म्हाड़ी पर भरने वाले मेले को लेकर दो सप्ताह पूर्व शहर में सभी 26 छड़ियों का श्रद्धाभाव से भक्तों ने शृंगार किया। इसके साथ ही बाबा श्री जाहरवीर गोगा महाराज और गुरु गोरखनाथ का पत्तर भरा गया है, लेकिन कोरोना की वजह से शहर में छड़ियों का भ्रमण और घर-घर पूजन की अनुमति न मिलने की वजह से भक्त परेेेशान हैं।
दीनानाथ बाजार स्थित पीर मजार पर शुक्रवार की सुबह सभी 26 छड़ियों के भक्तों ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए श्रद्धाभाव से पूजा अर्चना की। तत्पश्चात सभी भक्तों ने शहर में अलग-अलग जगह स्थित अपनी-अपनी छड़ियों के स्थानों पर पहुंचकर छड़ियों का शृंगार किया। इसके साथ ही निशानियों को डोरियां बांधकर सेवा का संकल्प दिलाया। श्री गुग्घा सुधार समिति के अध्यक्ष पंकज उपाध्याय, गुलशन सागर, पवन सैनी, विनोद प्रकाश, भगवत गिरी, सुशील गहलौत आदि मौजूद रहे।
मेले को लेकर बना संशय
सहारनपुर। इस बार शुक्ल पक्ष की दशमी 28 को अगस्त है। इस दिन नेजे की अगुवाई में सभी 26 छड़ियां अंबाला रोड स्थित श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर पहुंचती हैं और पूजन के बाद यहां गंगोह रोड स्थित बाबा श्री जाहरवीर गोगा महाराज की म्हाड़ी पर प्रस्थान करती है। वहां तीन दिवसीय मेला भरता है, जिसमें पश्चिमी यूपी, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान से हर वर्ष पांच लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं, लेकिन इस बार कोरोना काल की वजह मेले को लेकर संशय बना हुआ है।
भ्रमण और मेले की मांगी अनुमति
सहारनपुर। श्री गुग्घा म्हाड़ी सुधार सभा के अध्यक्ष पंकज उपाध्याय, मुख्य सरदार छड़ी और नेजे के भक्त विनोद प्रकाश, चौधरन छड़ी के भगत गुलशन सागर के अलावा सभी भक्तों ने प्रशासन से मेले तक छड़ियों के भ्रमण की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोरोना काल की वजह से अभी अनुमति नहीं मिली। भक्तों का कहना है कि वह सामाजिक दूरी का पालन करते हुए घर-घर छड़ी पूजन और रात में बसेरों का आयोजन करेंगे। इसको लेकर दो दिन जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दे चुुके हैं। उन्होंने प्रशासन से अनुमति देने की मांग की।