गंगोह। गांव शकरपुर में कैंसर के बढ़ते मामलों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रखी है। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले चार-पांच वर्षों में गांव में 25 से अधिक लोगों की कैंसर की बीमारी से मौत हो चुकी है, जबकि छह लोग अभी इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि गंगोह कस्बे से नाले के माध्यम से गांव के बाहर छोड़ा जा रहा गंदा पानी भूमिगत जल को दूषित कर रहा है।
गांव निवासी लक्ष्य सैनी ने बताया कि कैंसर के कारण उन्होंने अपने परिवार के तीन सदस्यों को खोया है। उनके ताऊ हुकम सिंह सैनी की वर्ष 2021, चाचा सीताराम सैनी की वर्ष 2022 और पिता ब्रह्मपाल सैनी की वर्ष 2023 में कैंसर से मौत हो गई। दूसरे ताऊ रकम सिंह सैनी को भी कैंसर की पुष्टि हुई है और उनका उपचार चल रहा है। इसी तरह सुमित कश्यप की मां कमलेश की वर्ष 2022 में कैंसर से मौत हुई, जबकि रवि कश्यप की मां ममलेश ने भी वर्ष 2022 में कैंसर से जूझते हुए दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान में रकम सिंह सैनी, सुनील, विनोद, फुल्लो, सुनीता और प्रहलाद कश्यप समेत छह मरीज कैंसर से पीड़ित हैं। ग्रामीण नवीन सैनी, विकास कुमार आदि का कहना है कि गंगोह कस्बे से निकलने वाले गंदे पानी को नाले के माध्यम से गांव के बाहर छोड़ा गया है। यह पानी आसपास करीब 400 बीघा भूमि में भरा हुआ है। लंबे समय से गंदा पानी जमा रहने के कारण भूमिगत जल दूषित होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी पानी का असर गांव में लगे हैंडपंपों के पानी पर भी पड़ रहा है।
- हैंडपंप खराब, साफ पानी की आपूर्ति भी शुरू नहीं
ग्रामीणों के अनुसार गांव में लगे अधिकांश सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं, जो हैंडपंप चालू हैं, उनमें से भी कुछ से दूषित पानी आने की शिकायत है। हर घर जल योजना के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन पानी की टंकी का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण अभी तक घरों में शुद्ध पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
वर्जन
गांव में टीम भेजकर सर्वे कराया जाएगा। उसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर उनके निर्देश पर कार्रवाई होगी। गांव में स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जाएंगे। - डॉ. रोहित वालिया, सीएचसी प्रभारी
- यह बोले जनप्रतिनिधि
गंगोह विधायक किरत सिंह ने बताया कि टंकी का निर्माण शुरू करा दिया गया है। गांव में फैली कैंसर की बीमारी गंभीर मामला है। संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात कर जांच कराएंगे।