सहारनपुर। टैक्स वसूली में नगर निगम सहारनपुर अभी काफी पिछड़ा हुआ है। लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 66 फीसदी वसूली हो सकी है। अब केवल 20 दिन में 33 फीसदी यानी आठ करोड़ की वसूली करना विभाग के लिए चुनौती बन रहा है। खास बात यह है कि यदि टैक्स वसूली में पिछड़े तो नगर निगम को शासन से मिलने वाली करोड़ों रुपये की ग्रांट खटाई में पड़ जाएगी।
बीते वर्ष नगर निगम ने लक्ष्य को पार कर 32 करोड़ रुपये की वसूली टैक्स के रूप में की थी। ऐसे में इस बार 32 करोड़ का लक्ष्य मिला हुआ है। इसमें से 11 माह 10 दिन में 24.5 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी है। वह तब है जब वसूली बढ़ाने के लिए कुर्की और सील करने के नोटिस लगातार जारी किए जा रहे हैं। अनेक भवन सील भी किए गए। उसके बाद भी वसूली 66 फीसदी ही हो सकी है।
ऐसे में 32 करोड़ रुपये के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए शेष 20 दिन में आठ करोड़ यानी करीब 33 फीसदी वसूली करनी होगी, जो बड़ी चुनौती है। यदि नगर निगम लक्ष्य को प्राप्त नहीं करता है तो नगर निगम को शासन से मिलने वाली ग्रांट रोक ली जाएगी। इसमें सीएम ग्रिड योजना के तहत स्मार्ट रोड के लिए मिलने वाले 44 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।
महानगर में 2.13 लाख संपत्तियां
जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) के बाद महानगर में टैक्स के दायरे में आने वाली संपत्तियों की संख्या 2.13 लाख हो गई है। इससे पहले यह संख्या 1.45 लाख थी। हालांकि नई 2.13 लाख संपत्तियों में करीब 30 हजार संपत्तियां प्लॉट हैं, जिन पर टैक्स नहीं है।
बीते वर्ष हमने 32 करोड़ रुपये के टैक्स की वसूली की थी। ऐसे में हमारा लक्ष्य 32 करोड़ से अधिक करने का है। अभी तक 24.5 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। हमारे पास 20 दिन बाकी हैं। प्रयास यही है कि हम लक्ष्य तक पहुंच सकें। इसके लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है।
- सुधीर शर्मा, कर अधीक्षक, नगर निगम