बहिष्कार के बीच मूल्यांकन की चुनौती बढ़ी
सहारनपुर। वित्तविहीन शिक्षकों ने यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार किया हुआ है। वित्त विहीन शिक्षकों ने बीडी बाजोरिया इंटर कॉलेज में धरना दिया। छठे दिन भी करीब 40 फीसदी परीक्षक नदारद रहे। इस सबके बीच मूल्यांकन को निर्धारित समय सीमा में निपटाना मौजूदा परीक्षकों के साथ ही विभागीय अधिकारियों के लिए भी चुनौती बन रहा है।
जनपद में करीब साढ़े पांच लाख कापियों का मूल्यांकन किया जाना है। इसके लिए 1710 परीक्षकों की तैनाती की गई थी। मगर वित्त विहीन शिक्षकों द्वारा मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिए जाने की वजह से मूल्यांकन प्रभावित हो रहा है। वित्तविहीन शिक्षक संघ के बैनर तले बृहस्पतिवार को भी शिक्षकों ने बीडी बाजोरिया इंटर कालेज में धरना दिया। जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि संगठन की मांग रुका हुआ मानदेय जारी करने की है। लेकिन लगता है कि सरकार मानदेय देना नहीं चाहती है। इसके अलावा वह समान कार्य-समान वेतन की मांग कर रहे हैं। जब तक मांगे नहीं मान ली जातीं, तब तक वे मूल्यांकन नहीं करेंगे। बृहस्पतिवार को हुए धरने में अनिल कुमार, लोकेश पंवार, केहर सिंह, बृजेश शर्मा, सतीश राठौर, घनश्याम राणा, गोपाल सिंह, आशीष शर्मा, विक्रम सिंह, आनंद शर्मा, अशोक कुमार, गौतम सैनी, धर्मवीर सिंह, नीरजपाल, निर्दोष तोमर, राजवीर आदि मौजूद रहे।
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वित्तविहीन शिक्षकों द्वारा मूल्यांकन का बहिष्कार करने के बाद हमने मूल्यांकन की दूसरी व्यवस्था की है। मूल्यांकन सुचारू रूप से चल रहा है। एक या दो विषयों की कॉपियों को छोड़ दिया जाए तो हम 31 मार्च तक मूल्यांकन निपटा लेंगे।
आरके तिवारी, डीआईओएस।