धर्म परिवर्तन करने वाले का निकाह पढ़ाने वाले काजियों पर हो कार्रवाई: उलमा
देवबंद (सहारनपुर)। धर्म परिवर्तन कर की गई शादी को अवैध माने जाने के हाईकोर्ट के फैसले का देवबंदी उलमा ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि धर्म परिवर्तन करने वालों का निकाह पढ़ाने वाले काजियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि धर्म परिवर्तन केवल उसी का माना जाता है कि जो सिर्फ अल्लाह की रजा (खुशी) के लिए इस्लाम धर्म कबूल करता है। अपने मतलब या दुनियावी कामों के लिए इस्लाम कबूल करना गलत है और इस तरह इस्लाम कबूल करने वाला मुसलमान नहीं होता। यह दिल से जुड़ा मामला होता है और किसी के दिल में क्या है यह भी सिर्फ अल्लाह ही जान सकता है। मुफ्ती अरशद ने कहा कि निकाह पढ़ाने वाली काजी की यह जिम्मेदारी बनती है कि निकाह पढ़ाने से पूर्व लड़का और लड़की से अच्छी तरह पूछताछ कर ले। दारुल उलूम मिस्वा के मोहतमिम मौलाना अब्दुल लतीफ का कहना है कि किसी भी धर्म में जाकर उस धर्म की लड़की या लड़के को अपनाने के लिए धर्म परिवर्तन करते हैं। इससे धर्म का तो मजाक बनता है साथ ही माता पिता की भी बदनामी होती है। जबकि इसको लेकर झगड़े फसाद तक होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी काजियों के खिलाफ भी कार्रवाई होने चाहिए जो इस प्रकार के लोगों का निकाह पढ़ाते वक्त माता पिता राजी है या नहीं यह तक नहीं पूछते। ऐसा करने वाला काजी समाज में कोई हैसियत नहीं रखता। इसलिए ऐसे काजियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
रोहिंग्यों पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह का बयान जालिमों का साथ देने वाला: फारुकी
देवबंद। मुल्क में रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के दिए बयान पर मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि रोहिंग्या मुसलमान बहुत पहले से मुल्क में रह रहे हैं। उनकी वजह से आज तक मुल्क की शांति को खतरा पैदा नहीं हुआ। इसी प्रकार बंाग्लादेश से आए हुए हजारों लोग भी भारत में वर्षों से रह रहे हैं। अपने मुल्क छोड़कर रोजगार के लिए भारत में रहने वाले लोग आज तक किसी भी दहशतगर्द तंजीम से जुड़े हुए नहीं मिले। मुफ्ती अशरद ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राजनाथ सिंह जालिम लोगों का साथ दे रहे हैं।