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शिवमय हुआ वातावरण, तेज हुई बम-बम की गूंज

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सहारनपुर। बोल बम, बम-बम जयघोष की गूंज तेज होने लगी है। एक हाथ में तिरंगा और दूसरे में कांवड़ लेकर शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। रंग-बिरंगी कांवड़ आकर्षण का केंद्र बनी हैं।
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कांवड़ मार्ग भगवा रंग में रंग गया है। हर तरफ बोल बम, बम-बम की गूंज सुनाई दे रही है। शिवभक्त तेजी से रंग-बिरंगी कांवड़ को लेकर अपने गंतव्य की ओर कूच कर रहे है। आस्था के सामने किसी भी प्रकार की कोई कठिनाईयों उन्हें नहीं रोक पा रही है। देहरादून हाइवे और अंबाला रोड पर कांवड़ शिविरों की संख्या बढ़ने लगी हैं, जहां लगे डीजे पर भगवान शिव के भजनों पर थिरक रहे हैं। किसी के पैर में छाले हैं तो किसी के पांव में दर्द है, लेकिन इन सभी दुखों को ध्यान में न रखते हुए और मन में ऊं नम: शिवाय का जाप करते हुए शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। कांवड़ मार्ग पर हर-हर महादेव के जयकारे की गूंज है।
30 फीट तिरंगा लेकर निकला शिवभक्त
सहारनपुर। सोमवार को यमुनानगर निवासी कांवड़िया रामकुमार एक हाथ में 30 फीट लंबा तिरंगा लेकर चल रहा था। उसका कहना है भगवान शंकर के प्रति जितनी उनके मन में आस्था है, उतना ही देशभक्ति का जज्बा है।
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गड्ढों में तब्दील हुआ कांवड़ मार्ग
सहारनपुर। बारिश के बाद पूरा कांवड़ मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। मार्ग में गहरे गड्ढे हो गए। पथरीली सड़क से गुजरने पर कांवड़ियों पांव में जख्मी हो रहे हैं।
चार दिन लगातार हुई बारिश से पूरा कांवड़ मार्ग खस्ताहाल हो गया है। अंबाला हाइवे पर शाहजहांपुर चेक पोस्ट से लेकर गागलहेड़ी में काली नदी पुल तक सड़क में जगह-जगह गड्ढे हैं। अंबाला रोड पर मेला गुघाल पुल, कल्पना तिराहा पर सड़क की हालत ज्यादा खराब है। गड्ढों में कीचड़ फैला होने के कारण दुर्गंध उठ रही है। इसी तरह घंटाघर से देहरादून चौक, जनकपुरी चौक, राकेश केमिकल चौकी, नौगजापीर और काली नदी पुल पर सड़क उखड़ी पड़ी है। सड़क टूटने के कारण कांवड़ मार्ग पर धूल का गुबार उड़ रहा है, जिससे वहां से गुजरने वाले कांवड़ियों को सांस लेने में भी दिक्कत आ रही है, लेकिन प्रशासन ने गड्ढे भरवाने के लिए कोई कार्य शुरू नहीं कराया। आने वाले दिनों में कांवड़ियों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा और शहर के लोग भी कांवड़ मेले की रौनक देखने के लिए कांवड़ मार्ग पर निकलेंगे। यही हाल रहा तो कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
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