सहारनपुर। ग्राहकों की कमी से जूझ रहा सराफा बाजार प्रधानमंत्री की अपील के बाद और ठहर सा गया है। सोने और चांदी के दामों के चलते पहले ही ग्राहक खरीदारी में कम दिलचस्पी दिखा रहे थे, वहीं अब दो दिन में प्रधानमंत्री की दो बार अपील के बाद से सराफा कारोबार पर असर पड़ा है। कारोबारियों की माने तो बीस फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
जिले में सराफा की छोटी-बड़ी करीब 1550 से अधिक दुकानें और शोरूम हैं। शादियों का सीजन भी शुरू हो गया है, लेकिन जैसी रौनक सराफा बाजार में दिखाए देती है। वैसी नहीं है। कारण है सोने और चांदी के दाम। हालांकि, दोनों ही धातुओं के दाम अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे हैं। इसके बाद भी आमजन इन दोनों ही धातुओं से दूरी बना ली है। जो भी खरीदारी हो रही है, अधिकतर नौ कैरेट गोल्ड की हो रही है। ग्राहकों ने आभूषणों का वजन भी कम कर दिया।
लक्ष्मी मार्किट सराफा बाजार के प्रधान पवन गोयल बताते हैं कि बाजार में काम काफी कम है। कारीगरों की मजदूरी निकालने में पहले ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब प्रधानमंत्री ने एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील आमजन से की है। हम मानते हैं कि देश सर्वोपरि है, लेकिन जिन लोगों की रोजी-रोटी सराफा कारोबार से जुड़ी है। उनका क्या होगा। अपील के बाद से बाजार में और गिरावट आई है। सराफा कारोबारी के साथ कारीगर, ढलाई आदि लोगों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट आ जाएगा।
वहीं, सराफा कारोबारी गौतम शंकर सिंघल बताते हैं कि प्रधानमंत्रियों द्वारा पहले भी इस तरह की अपील की जाती रही हैं। सरकार को हर वर्ग के बारे में सोचना चाहिए। जिले की ही बात करें तो सराफा कारोबार से करीब 25 हजार लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है। काम मंदा होगा तो काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।