पंजाब मेल में युवक ने खुद को घोंपी कांच की बोतल
सहारनपुर। पंजाब मेल में सफर कर रहे एक युवक ने शनिवार सुबह डिप्रेशन में पेट में कांच की बोतल तोड़कर खुद को घोंप ली। इससे उसका पेट फटने के कारण आंतें बाहर निकल गई। जीआरपी ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सर्जन के न मिलने के कारण घायल युवक एक घंटे तक आंतें हाथों में पकड़कर तड़पता रहा। डीएम की फटकार के बाद चिकित्सक इमरजेंसी पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेरठ रेफर कर दिया।
पंजाब मेल ट्रेन शनिवार सुबह साढ़े छह बजे रेलवे स्टेशन पहुंची। इसी बीच कुछ लोगों ने लहूलुहान युवक को ट्रेन से उतारा। सूचना मिलते ही जीआरपी भी मौके पर पहुंच गई। साथी युवकों ने पुलिस को बताया कि घायल युवक का नाम अलीस मरांडी है, जो झारखंड निवासी है। डिप्रेशन में चल रहे अलीस मंराडी ने सहारनपुर-रुड़की के बीच में ट्रेन में सफर के दौरान कांच की बोतल तोड़कर अपने पेट में घोंप ली। इसके बाद जीआरपी ने युवक को जिला अस्पताल भेजा। घायल युवक के साथी दिलीप सैरेन, धीरज कुमार और मदंटू ने बताया कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में काफी देर तक सर्जन के न आने के कारण उसे उपचार नहीं मिल सका। ऐसे में उन्होंने किसी तरह डीएम का फोन नंबर पता कर शिकायत की। जिसके बाद डीएम ने जिला अस्पताल के अधिकारियों को फोन कर तुरंत सर्जन को मौके पर भेजा। सर्जन ने युवक की हालत को गंभीर मानते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। हालांकि यह साफ नहीं हो सका है कि युवक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया है।
चिकित्सकों की लापरवाही बात सही नहीं है। इमरजेंसी में सर्जन तैनात नहीं रहता है। घायल युवक के इमरजेंसी पहुंचते ही चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया था। कुछ ही देर बार सर्जन को भी मौके पर भेज दिया गया था।
डा. सत्य सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
फोन पर उन्हें शिकायत हुई थी कि एक घायल युवक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तड़प रहा है। इलाज करने के लिए वहां चिकित्सक नहीं है। संज्ञान लेकर तत्काल जिला अस्पताल के अधिकारियों को निर्देशित किया गया, तब जाकर सर्जन ने अस्पताल आकर उसका उपचार किया।
पीके पांडेय, जिलाधिकारी।