साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। नये शिक्षण सत्र का एक माह बीतने को है इसके बाद भी विद्यालयों में बच्चों की अपेक्षित संख्या नहीं पहुंच पा रही है। स्कूल संचालकों का कहना है कि भौगोलिक एवं व्यवहारिक दृष्टिकोण से अप्रैल माह में नया शिक्षण सत्र चलाना संभव नहीं हो पा रहा है।
स्कूलों में पंद्रह फीसदी नामांकन भी नहीं हो पाए है। एक अप्रैल से चलाये गये सत्र से इंटर कॉलेज भी जूझ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर किसान मजदूरों के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अप्रैल माह में ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं कटाई का कार्य चलता है और किसान का पूरा परिवार इस कटाई में लग जाता है। ऐसे में किसान परिवार के बच्चे स्कूल भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। पब्लिक इंटर कालेज साढ़ौली कदीम के प्रधानाचार्य धीर सिंह का कहना है कि एक अप्रैल से आज तक पंद्रह फीसदी नामांकन भी नहीं हो पाये है तथा कक्षा प्रमोशन पाने बच्चे भी स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। एसडी इंटर कालेज लोदीपुर के प्रधानाचार्य धनीराम का कहना है कि परीक्षा के बाद से पांच फीसदी बच्चे भी स्कूल नहीं पहुंच पाये हैं।
मान्यता प्राप्त विद्यालय कल्याण संगठन के ब्लाक अध्यक्ष राजेश काम्बोज व महामंत्री अमित सैनी का कहना है कि अप्रैल से नया सत्र चलाने से बच्चों की चार माह की पढ़ाई बाधित हो रही है।
प्रधानाचार्य परिषद के जिला अध्यक्ष नाथीराम काम्बोज का कहना है कि वे लगातार अप्रैल माह से चलाये जा रहे शिक्षण सत्र की समस्याओं तथा बच्चों के प्रभावित हो रहे शिक्षण को लेकर लगातार सरकार से शिक्षण सत्र जुलाई माह में चलाये जाने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नही दे रही है जिसके चलते एक माह से विद्यालय छात्र हीन पड़े हैं।