सहारनपुर। दिल्ली में हुई घटना के बाद विकास प्राधिकरण की नींद टूट गई। बृहस्पतिवार को प्राधिकरण की टीम ने महानगर में अभियान चलाकर बेसमेंट का सर्वे किया। इसमें 18 अवैध बेसमेंट चिह्नित किए गए, जबकि एक निर्माणाधीन अवैध बेसमेंट को सील किया गया। यह मानक के अनुसार नहीं थे। प्राधिकरण की कार्रवाई से हड़कंप की स्थिति बनी रही।
प्राधिकरण की टीम ने दोपहर बाद अभियान की शुरुआत की। अधिशासी अभियंता प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में छह टीमें बनाई गई थी। अधिशासी अभियंता ने बताया कि महानगर के सभी जोन में सर्वे का कार्य शुरू किया है। पहले दिन जिन 18 बेसमेंट को चिह्नित किया गया, वह किसी न किसी मानक पर खरा नहीं उतर रहे थे। कहीं पर व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थी तो कहीं प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं थे। अधिकतर बेसमेंट दिल्ली रोड और घंटाघर के आसपास थे। इन सभी को खाली करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इस दौरान दिल्ली रोड पर एक बेसमेंट को सील किया गया है। विकास प्राधिकरण में स्वीकृत कराए गए मानचित्र में बेसमेंट का प्रावधान नहीं होने के बावजूद इसका निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि बेसमेंट का सर्वे कार्य जारी रहेगा। सर्वे पूरा होने के बाद ही महानगर में अवैध बेसमेंट की सही स्थिति की जानकारी मिल सकेंगी। इस दौरान अधिशासी अभियंता प्रदीप शर्मा, सहायक अभियंता शमीम अख्तर एवं सार्थक शर्मा, अवर अभियंता रोहित पाठक एवं प्रदीप गोयल सहित अन्य मौजूद रहे।
कहीं चल रहे रेस्टोरेंट तो कहीं कोचिंग सेंटर
महानगर में बने अनेक बेसमेंट में तमाम तरह की लापरवाही बरती जा रही हैं। कोर्ट रोड पर ही जिन बेसमेंट का निर्माण पार्किंग के लिए किया गया था उनमें या तो सामान भरा है या फिर अन्य तरह से इस्तेमाल हो रहे हैं। इसके अलावा अनेक बेसमेंट, जिनमें कोचिंग सेंटर या पुस्तकालय चल रहे हैं। उनमें न तो अग्निशमन यंत्र लगे हैं और न ही भागने के लिए कोई वैकल्पिक द्वार हैं। हैरानी की बात यह है कि कहीं रेस्टाेरेंट चल रहे हैं तो कहीं कोचिंग सेंटर।