सहारनपुर। विद्युत निगम बकाया बिल वसूल करने में नाकाम रहा है। जिले के 70 प्रतिशत उपभोक्ताओं पर लगभग 1080 करोड़ रुपये का बकाया है। जिसमें अधिकांश बकाया देहात क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर हैं। अब बकाएदारी वसूलने के लिए विद्युत निगम ने एकमुश्त समाधान योजना शुरू कर दी है। एक जनवरी से 31 मार्च तक एकमुश्त समाधान योजना लागू रहेगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि एकमुश्त समाधान योजना से 50 प्रतिशत से अधिक वसूली हो जाएगी।
सहारनपुर के देहात क्षेत्र में लगभग साढ़े चार लाख उपभोक्ता हैं। जिनमें से लगभग 50 हजार उपभोक्ता निजी नलकूप धारक हैं। जबकि शहरी क्षेत्र में लगभग एक लाख उपभोक्ता हैं। विद्युत निगम अधिकांश उपभोक्ताओं से बिल की वसूली करने में फेल साबित हो रहा है। देहात क्षेत्र के 70 प्रतिशत उपभोक्ता ऐसे हैं जिनका छह माह से अधिक का बकाया है। विद्युत निगम के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो देहात के एक सर्किल के उपभोक्ताओं पर 519.79 करोड़ रुपये तथा दूसरे सर्किल के उपभोक्ताओं पर 538.44 करोड़ रुपये का बकाया है। कुल 1058.23 करोड़ रुपये का बकाया है। जबकि शहरी क्षेत्र में लगभग 25 करोड़ रुपये का बकाया है। बकाया वसूली को लेकर निगम ने कोई रास्ता न देख एकमुश्त समाधान योजना का सहारा लिया है। जिसमें घरेलू कनेक्शन से लेकर व्यवसायिक एवं नलकूप सभी प्रकार के उपभोक्ताओं के लिए बिलों में सरचार्ज की छूट दी है। सरचार्ज समाधान योजना के तहत बिल के सरचार्ज को पूूरी तरह से माफ किया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ता को पहले पंजीकरण कराना होगा और बिल का लगभग 30 प्रतिशत पंजीकरण के साथ ही जमा कराना होगा, जिसे भुगतान के समय समायोजित कर लिया जाएगा। एक जनवरी से 31 मार्च तक चलने वाली योजना में पंजीकरण सिर्फ 31 जनवरी तक ही हो सकेगा। धनराशि सभी खंड कार्यालयों एवं उपखंड कार्यालयों पर जमा की जाएगी। सभी जगह शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं के बिल भी जमा कराए जाएंगे जिनका विवादित मामला है और न्यायालय में भी विचाराधीन हैं। जिनको नोटिस जारी किए गए हैं, उनको भी योजना में शामिल किया गया है। जिन उपभोक्ताओं के बिल गलत हैं, पंजीकरण के बाद 15 दिन में उनके बिल ठीक कराकर भेज दिए जाएंगे। जिनके कनेक्शन भुगतान न होने के कारण काट दिए गए हैं, वे भी पंजीकरण कराकर भुगतान करा सकेंगे। पूरे भुगतान के बाद ऑनलाइन रसीद उपभोक्ता को दी जाएगी।
खाता संख्या से ही निकल जाएगा पूरा ब्योरा
ऑनलाइन पंजीकरण कराने के लिए उपभोक्ता को सिर्फ अपना बिजली का खाता संख्या ही बताना होगा। उससे उसका पूरा ब्योरा निकल जाएगा। बिल की धनराशि कितने की है, सरचार्ज कितना है, भुगतान की स्थिति क्या है, कितना पंजीकरण के समय भुगतान करना होगा इसका भी पता चल जाएगा।
नहीं किया भुगतान तो होगी पंजीकरण राशि जब्त
अधीक्षण अभियंता देहात वीके शर्मा ने बताया कि इस योजना के लिए पंजीकरण कराना जरूरी होगा। पंजीकरण के लिए बिल की तीस प्रतिशत धनराशि जमा करानी होगी। पंजीकरण कराने के बाद बिल का भुगतान 31 मार्च तक नहीं कराया गया तो पंजीकरण कराई गई धनराशि में से दो हजार रुपये जब्त कर लिए जाएंगे, जबकि शेष धनराशि बकाया में समायोजित कर ली जाएगी। इसके बाद ब्याज लगा दिया जाएगा।