फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

न चिकित्सक , न दवाइयां, मरीज परेशान

विज्ञापन
विज्ञापन
बड़गांव (सहारनपुर)। ग्रामीण अंचलों में प्राथमिक व उप स्वास्थ्य केंद्रों की हालत काफी खराब है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव और सीएचसी अंबेहटा चांद में चिकित्सकों का टोटा तो है ही, इसके अलावा मामूली जांच के लिए भी जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग द्वारा नानौता क्षेत्र में दल्हेड़ी, महेशपुर, शिमलाना, चिराऊ, चन्दपुर, झबीरन, बालूमाजरा, मौरा, जड़ौदापांडा एवं बड़गांव सहित दस उप स्वास्थ्य केन्द्र बना रखे हैं। इसी तरह ब्लाक रामपुर मनिहारान क्षेत्र में चार उपकेन्द्र सिरसली खुर्द, सहजी, रेड़ा और मिर्जापुर अंबेहटा चांद में स्थित है, जबकि देवबंद ब्लाक के बेलड़ा व नूनाबड़ी गांव में एक-एक उप केन्द्र बना है। तीनों ब्लाक मुख्यालयों सहित क्षेत्र में करीब 16 उप स्वास्थ्य केन्द्र है। इन सभी उपकेन्द्रों पर एएनएम तैनात की गई है। नियमानुसार एएनएम को गांव में 24 घंटे प्रवास, टीकाकरण और मामूली बीमारियों के लिए दवाइयां वितरित करनी चाहिए। जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है। ग्रामीणों के अनुसार टीकाकरण के दिन एएनएम गांव में आती है और किसी घर या घेर में बैठकर मात्र खानापूर्ति कर लौट जाती है। झबीरन, शिमलाना और सहजी गांव के उप केन्द्र का सबसे बुरा हाल है। यहां स्वास्थ्य केन्द्रों की हालत खराब है। शिमलाना के उप स्वास्थ्य केन्द्र पर ग्रामीणों ने मुख्य गेट पर अपने पशु बांध रखे हैं। सहजी के ग्राम प्रधान मेघराज सैनी, चन्दपुर के दुष्यन्त राणा, बालूमाजरा के ओमबीर सिंह, झबीरन के मुकेश, प्रमोद, शिमलाना के बीर सिंह आदि का कहना है गांव के उप केंद्र पर बुखार की दवाई तक नहीं मिलती। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़गांव व नव सृजित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अंबेहटाचांद पर पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ तक तैनात नहीं हो सका है। यहां पैथालोजी सेंटर भी नहीं चल पाई है। अगर किसी मरीज को अपने खून, बलगम, पेशाब आदि की जांच करानी पड़ जाय तो रोगी को सैंपल देने भी नानौता जाना पड़ता है। जिसकी रिपोर्ट कई दिन बाद मिलती है। इतना ही नहीं बड़गांव में खोले गए जन औषधि केंद्र पर भी कई माह से ताला पड़ा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डा. अनुज कुमार चौहान का मानना है कि कई उपकेन्द्रों की हालत बेहद खराब है। उपकेन्द्रों पर सुरक्षा की दृष्टि से एएनएम का रात्रि प्रवास संभव नहीं हो पाता है। चिकित्सा स्टाफ और दवाइयों की उपलब्धता के प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें