फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेल से छूटे बदमाशों पर पुलिस की पैनी नजर

विज्ञापन
विज्ञापन
जेल से छूटे बदमाशों पर पुलिस की पैनी नजर
विज्ञापन

सहारनपुर। जमानत मिलने पर जेल से बाहर आने वाले बदमाशों पर पुलिस की पैनी नजर है। आशंका है कि ऐसे बदमाश फिर से आपराधिक वारदातों को अंजाम दे सकते हैं। बीते दिनों एक वारदात में ऐसा ही बदमाश पकड़ा गया, जो कुछ समय पूर्व ही जमानत पर जेल से बाहर आया था। पुलिस ने चार साल के भीतर जमानत पर जेल से बाहर आने वाले ऐसे करीब 306 बदमाशों का रिकार्ड तैयार किया है।
दरअसल, आपराधिक प्रवृति के लोग जेल जाने के बाद भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं। जैसे ही जमानत मिलने पर वह जेल से बाहर निकलते हैं तो फिर से वारदात करने में सक्रिय हो जाते हैं। इसका उदाहरण तीन दिन पूर्व ही सदर बाजार कोतवाली पुलिस ने चेन स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देने के आरोप में अंकित उर्फ छोटू निवासी गोविंदनगर को मल्हीपुर मार्ग से गिरफ्तार किया। छोटू और उसके साथी जहांगीर ने कुछ दिन पूर्व ही आवास विकास में महिला से चेन छीन ली थी। अंकित उर्फ छोटू कुछ माह पहले ही जमानत मिलने पर जेल से छूटकर बाहर आया था। इसके अलावा भी पूर्व में ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। इसी के चलते पुलिस ने ऐसे करीब 306 बदमाशों का खाका तैयार किया है, जो लूट, डकैती, चोरी, चेन स्नेचिंग और अन्य आपराधिक वारदातों में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे और न्यायालय से जमानत मिलने पर जेल से बाहर आ गए।
विज्ञापन

थाना स्तर से भी रखी जा रही नजर
जमानत पर जेल से छूटकर आने वाले बदमाश जिस क्षेत्र के रहने वाले हैं, उस क्षेत्र के संबंधित थाना स्तर से भी बदमाशों पर नजर रखी जा रही है। इस कार्य में मुखबिर तंत्र से भी मदद ली जा रही है।
विज्ञापन

जमानत पर जेल से बाहर आए बदमाश
वर्ष ------------ बदमाशों की संख्या
2013 ----------- 67
2014----------- 80
2015----------- 65
2016---------- 20
2017---------- 74

न्यायालय से जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा होने वाले बदमाशों पर नजर रखी जा रही है। ताकि वह फिर से किसी वारदात को अंजाम न देने पाएं। कुछ वारदातों में ऐसे बदमाश शामिल भी रहे हैं, जो जमानत पर जेल से छूटकर आए। - प्रबल प्रताप सिंह, एसपी सिटी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें