फ्रेट कॉरिडोर के चलते लटका नए प्लेटफार्मों का प्रस्ताव
सहारनपुर। रेलवे स्टेशन पर नए प्लेटफार्म बनाए जाने का प्रस्ताव डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण पूरा होने तक लटक गया है। पहले फ्रेट कॉरिडोर की नई रेलवे लाइन बनाई जाएगी। उसके बाद स्टेशन पर जगह चिह्नित कर नए सिरे से प्लेटफार्मों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
सहारनपुर रेलवे स्टेशन से रोजाना लगभग डेढ़ सौ एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, पैसेंजर ट्रेनें गुजरतीं हैं। इसके अलावा रोजाना लगभग 20 मालगाड़ियां भी सहारनपुर स्टेशन से होकर गुजर रहीं हैं। जिससे सहारनपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म काफी व्यस्त रहते हैं। इस व्यस्तता का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। प्लेटफार्म खाली न होने के चलते ट्रेनें काफी देर तक आउटर पर ही खड़ी रहतीं हैं। कई बार तो आधा से एक घंटे तक भी ट्रेनों को आउटर पर ही रोक दिया जाता है। यही नहीं प्लेटफार्मों की कमी के चलते कई ट्रेनों को सहारनपुर की बजाय टपरी से ही दूसरे रूटों पर भेज दिया जाता है। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रेलवे अधिकारियों द्वारा नए प्लेटफार्मों के निर्माण का प्रस्ताव दो बार भेजा गया, लेकिन रेलवे मुख्यालय तक पहुंचकर प्रस्ताव लटक गया। अब डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। सहारनपुर में इसके लिए तैयारी चल रही है। जिस कारण एक बार फिर नए प्लेटफार्मों का निर्माण लटक गया है। अधिकारियों के अनुसार अब पहले फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण होगा, फिर प्लेटफार्मों के लिए जगह देखी जाएगी और नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
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-- फ्रेट कॉरिडोर बनने के बाद नए सिरे से होगा मंथन : डीआरएम
अंबाला मंडल रेल प्रबंधक दिनेश शर्मा का कहना है कि सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर नए प्लेटफार्म बनने का प्रस्ताव रेलवे को भेजा गया था। लेकिन अब पहले डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लाइन बनाई जा रही है। इस पर तेजी से कार्य चल रहा है। इस लाइन के बनने से मालगाड़ियां नए ट्रैक पर आ जाएंगी। जिससे सहारनपुर में स्थित प्लेटफार्म पर मालगाड़ियां नहीं पहुंचेंगी। मालगाड़ियों के फ्रेट कॉरिडोर पर जाने से प्लेटफार्मों पर ट्रेनों की संख्या में सुधार होने की संभावना है। संभवत: इसी वजह से रेलवे द्वारा प्रस्ताव को रोका गया है। फ्रेट कॉरिडोर बनने के बाद नए प्लेटफार्मों के निर्माण को लेकर फिर से मंथन किया जाएगा। फिर भी जरूरी होगा तो नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कर भिजवाया जाएगा।