शोभायात्रा के साथ आर्य समाज का वार्षिक सम्मेलन शुरू
चिलकाना (सहारनपुर)। आर्य समाज डंडौली खेड़ा का तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन शोभायात्रा और यज्ञ के साथ प्रारंभ हो गया।
रविवार को गांव डण्डौली खेड़ा में तीन दिवसीय आर्य समाज के सम्मेलन को संबोधित करते हुए दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री जसवंत सैनी ने कहा कि वैदिक शिक्षा पद्धति से ही देश का विकास हो सकता है। संस्कारित शिक्षा के लिए बच्चों को गुरुकुल में भेजना चाहिए। आर्य प्रचारक आचार्य यशवीर सिंह ने कहा कि यज्ञ हमारी सनातन वैदिक संस्कृति का अभिन्न अंग है। जब तक देश में यज्ञ करने-कराने का चलन रहा तब तक यह देश दुखों से दूर रहा। योगाचार्य डा. संदीप आनंद ने कहा कि शारीरिक एवं मानसिक रोग तनाव के बढ़ते रोगियों का कारण आधुनिक जीवन शैली है जिसके कारण मानव शूगर, थायराइड, मोटापा, जोड़ों का दर्द, एलर्जी एवं पेट के भयंकर रोगों से ग्रस्त होता जा रहा है। योग को जीवन में अपनाने से जीवन रोगमुक्त हो सकता है।
इससे पूर्व यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें अनेक महिला-पुरुषों ने भाग लिया। यज्ञ के बाद भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जो गांव की मुख्य गलियों से होती हुई पुन: कार्यक्रम स्थल पर सम्पन्न हुई। शोभायात्रा में आर्य समाज से संबंधित अनेक झांकियां सम्मलित थी। कार्यक्रम में गुरुकुल के बच्चों ने भजन प्रस्तुत किए। इस दौरान आर्य समाज के प्रधान मा. जयपाल आर्य, डा. अशोक रोहिला, अवनीश आर्य, मांगेराम आर्य, अनिल आर्य, उमेश आर्य, अंकित आर्य, डा. हुकुम सिंह सैनी, निशांक जैन, संजय काम्बोज, निर्भय सिंह, सुनील सैनी, अनिल लता आर्या, तेजपाल सैनी, शादीराम सैनी, शशिकांत शर्मा, अमित शर्मा, नाथीराम कश्यप, कोमल, मलखान सिंह आदि थे।