सहारनपुर। भाजपा के लिए कैराना का किला भेदना आसान नहीं था। एक तरफ पूर्व सांसद बाबू हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह का टिकट कटने से नुकसान होने की आशंका थी, तो इस सीट पर मुस्लिम और अनुसूचित जाति वर्ग का जातीय समीकरण भी चुनावी आंकड़ों में भारी दिखाई दे रहा था।
बावजूद इसके भाजपा ने गंगोह विधायक प्रदीप चौधरी को चुनाव में उतारा और सपा एमएलसी एवं वरिष्ठ नेता वीरेंद्र सिंह को भाजपा ज्वाइन कराकर एक तीर से कई निशाने साध लिए। एक तरफ गुर्जर समाज में नाराजगी नहीं होने दी, तो प्रदीप चौधरी की वजह से नकुड़ और गंगोह क्षेत्र भी मजबूत कर लिया। सही समय पर अपनाई गई रणनीति और सटीक फैसला लेना भाजपा को फायदा पहुंचा गया। दरअसल, एक साल पहले जब 2018 में जब कैराना सांसद बाबू हुकुम सिंह का निधन होने पर उपचुनाव हुआ, तो उसमें भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह शामली जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर गठबंधन से रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन से बराबरी के मुकाबले पर थी, लेकिन सहारनपुर जनपद के नकुड़ और गंगोह विधानसभा क्षेत्र में रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन को करीब 40 हजार वोटों की बढ़त मिल गई थी, जिसका नुकसान भाजपा प्रत्याशी को हुआ था। मौजूदा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी की स्थिति नकुड़ और गंगोह में मजबूत रही, जिसका परिणाम भाजपा के लिए जीत के रूप में सामने आ गया है।
2018 में हुए कैराना उपचुनाव की स्थिति
विधानसभा ----- रालोद --------- भाजपा
नकुड़ ---------- 114341 -------- 86224
गंगोह --------- 108411--------- 96148
कैराना ------- 79378 ----------- 93195
थानाभवन--- 88539------------ 73334
शामली ------ 77157 ---------- 77571
डाक मतपत्र --- 55------------- 176
योग --------- 467881 ------- 426648