सहारनपुर। जनपदवासियों को एमआरआई और सिटी स्कैन जैसी महंगी जांचों की सुविधा नि:शुल्क मिलने जा रही है। एसबीडी जिला अस्पताल में सिटी स्कैन की सुविधा मुश्किल से दस दिन में और एमआरआई की सुविधा करीब सात से आठ माह में शुरू हो जाएगी।
जिला अस्पताल में सिटी स्कैन की सुविधा के लिए पूर्व की सरकार में प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। कुछ ही समय पहले सिटी स्कैन की स्वीकृति मिली थी। अस्पताल में सिटी स्कैन की जिम्मेदारी कृष्णा कंपनी को दी गई है। कुछ ही दिन पहले ब्लू स्टार कंपनी द्वारा कृष्णा कंपनी को सिटी स्कैन की मशीन हैंडओवर की गई है, जिसे यहां लाकर ट्रामा सेंटर में स्थापित किया जा चुका है। मुश्किल से आठ से दस दिन में सिटी स्कैन की सुविधा मरीजों को उपलब्ध होगी वह भी पूरी तरह नि:शुल्क। इसके अलावा एमआरआई की सुविधा के लिए भी कई साल पहले शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसके लिए शासन से पैसा रिलीज हो चुका है। एमआरआई की जिम्मेदारी कृष्णा कंपनी को दी गई है। करीब दो करोड़ रुपये की कीमत की मशीन के लिए पैसा शासन से जारी हो चुका है। एमआरआई के लिए जिला अस्पताल में आई ओटी की बगल में एक करोड़ रुपये की लागत की नई बिल्डिंग बनाई जा रही है। बिल्डिंग पांच से छह माह में बनकर तैयार होगी, जिसके बाद मशीन को उसमें स्थापित कर सुविधा चालू की जाएगी। दोनों तरह की जांचों का पैसा कंपनी को सरकार चुकाएगी।
एक घंटे में मिलेगी जांच रिपोर्ट
जनपद में दो प्राइवेट अस्पतालों के पास एमआरआई की सुविधा है, मगर उनके पास रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। ऐसे में वह एमआरआई की रिपोर्ट बाहर से बनकर आती है, जिसमें 24 घंटे या उससे अधिक का समय लगता है। मगर जिला अस्पताल में लगने वाली एमआरआई मशीनों पर पूरा स्टाफ रहेगा। रेडियोलॉजिस्ट मुंबई और लखनऊ में बैठते हैं। जहां से रिपोर्ट अधिकतम एक घंटे में तैयार होकर आया करेगी। यानी मरीजों को समय से इलाज मिल सकेगा।
मंडल में पहला अस्पताल होगा
एमआरआई और सिटी स्कैन की सुविधा मेरठ के जिला अस्पताल में उपलब्ध है। सहारनपुर मंडल के तीनों जनपदों के जिला अस्पतालों में अभी तक यह सुविधा नहीं है। सहारनपुर मंडल का पहला जनपद होगा, जिसके जिला अस्पताल में यह सुविधा नि:शुल्क रहेगी। प्राइवेट अस्पतालों की बात करें तो दो अस्पतालों में यह सुविधाएं हैं। जिला अस्पताल में सुविधा मिलने के बाद मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और न ही उनको जेब ढीली करनी पड़ेगी।
10 हजार रुपये तक है जांच का शुल्क
एमआरआई दो तरह का होता है, जिसमें सामान्य एमआरआई और कंट्रास्ट एमआरआई शामिल है। एमआरआई सिर, छाती और जोड़ों और पूरे शरीर का होता है। इसकी जांच चार हजार रुपये से दस हजार रुपये तक है। हालांकि प्राइवेट अस्पतालों में डॉक्टर इससे अधिक भी वसूली करते हैं। सामान्य लोगों के लिए यह जांच कराना आसान नहीं रहता है।
इनको ही मिलेगी सुविधा
जिला अस्पताल में एमआरआई और सिटी स्कैन की सुविधा केवल उन्हीं मरीजों को मिलेगी, जिनको जिला अस्पताल के डॉक्टर लिखेंगे। प्राइवेट डॉक्टरों द्वारा लिखा गया सिटी स्कैन या एमआरआई मान्य नहीं होगा। ऐसे में जिस भी मरीज को यह सुविधा चाहिए उसे सबसे पहले जिला अस्पताल के डॉक्टर को दिखाना होगा।
जिला अस्पताल में सिटी स्कैन की मशीन स्थापित कर दी गई है। हम इसी महीने इस सुविधा को जनता को मुहैया कराने जा रहे हैं। एमआरआई के लिए नया भवन बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण पांच से छह माह में पूरा हो जाएगा। उसके बाद एमआरआई की सुविधा भी शुरू कर दी जाएगी।
डॉ. एसके वार्ष्णेय, सीएमएस।