मतदाताओं के सत्यापन के लिए घर-घर जाएंगे अधिकारी
सहारनपुर। ऐसे मतदाता, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या फिर अन्य जगह पर जाकर बस गए हैं और वोट भी बनवा ली है। ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जाएंगे। सूची के सत्यापन के लिए बूथ लेवल आफिसर घर-घर जाएंगे।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में डीएम पीके पांडेय ने बताया कि एक जनवरी 2017 के आधार पर फोटोयुक्त विधानसभा निर्वाचक नामावलियों का निरंतर पुनरीक्षण किया जाना है। इसके तहत मतदाता सूचियों के सत्यापन का कार्य एक जुलाई से 31 जुलाई तक चलेगा। बूथ लेवल ऑफिसर को घर-घर जाकर फॉर्म-6 प्राप्त करना होगा। नौ से 23 जुलाई तक राजनीतिक दलों के बूथ लेवल के एजेंटों के साथ दावे और आपत्तियां प्राप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
पुनरीक्षण अभियान के तहत 31 जुलाई तक प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण 31 अगस्त तक किया जाएगा। ईआरएमएस सॉफ्टवेयर पर सभी डाटा एंट्री का कार्य छह सितंबर तक चलेगा। निरंतर पुनरीक्षण में पूरक सूचियों की तैयारी का कार्य सात सितंबर, तैयार हो चुकी मतदाता सूचियों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा वेबसाइट पर डालने का कार्य 11 सितंबर तक चलेगा। निर्वाचक नामावली की प्रिंटिंग का कार्य 14 सितंबर तक चलेगा। इसके अलावा दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 15 सितंबर से 30 अक्टूबर तक होगा। बताया कि नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने पर भी विशेष जोर रहेगा। वार्ता में एडीएम-प्रशासन एसके दुबे भी मौजूद रहे।
चुनाव आयोग के आदेश पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा प्रत्येक मतदान स्थल के लिए एक-एक बूथ लेवल आफिसर तैनात किया गया है। जिले की सातों विधानसभाओं में कुल 1254 मतदान केंद्र और 2357 मतदेय स्थल हैं। प्रत्येक मतदेय स्थल पर एक-एक बूथ लेवल आफिसर रखा जाएगा। मतदाता सूची से नाम कटवाने या नया नाम जुड़वाने के लिए अलग-अलग फॉर्म की व्यवस्था की गई है।
पात्र व्यक्तियों द्वारा निर्वाचक नामावली में नाम शामिल कराने के लिए प्रपत्र-6, विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों के नाम निर्वाचक नामावली में शामिल कराने के लिए प्रपत्र-6ए, निर्वाचक नामावली में शामिल नाम को निकलवाने या कटवाने के लिए प्रपत्र-7, निर्वाचक नामावली में पूर्व से शामिल नाम में अशुद्धि को शुद्घ कराने के लिए प्रपत्र-8, डुप्लीकेट मतदाता फोटो पहचान पत्र बनवाने के लिए 25 रुपये की रसीद सहित ईसीआई-एपिक-001 तथा शामिल नाम को उसी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के किसी अन्य भाग में स्थानांतरित कराने के लिए प्रपत्र-8क भरा जाएगा। डीएम ने बताया कि बीएलओ के पास सभी फॉर्म पर्याप्त संख्या में हैं। इनकी प्रतिलिपि भी मान्य होगी।