सहारनपुर। खेल के क्षेत्र में वर्ष 2018 सहारनपुर के लिए उपलब्धियों भरा रहा। क्रिकेट, जूडो, एथलेटिक्स और बैडमिंटन में व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ ही डॉक्टर भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम को भी कई सौगात मिलीं। इसके अलावा स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण में अटका सबसे बड़ा रोड़ा भी प्रशासन के प्रयास से हट गया। हालांकि जाते-जाते यह साल सहारनपुर से उसके दो नवोदित क्रिकेट खिलाड़ियों लक्ष्य और सचिन राठौर को छीन ले गया।
1- राजकीय स्पोर्ट्स कॉलेज
बेहट क्षेत्र के गांव शेरुल्लागढ़ में करीब आठ साल पहले शुरू किया गया स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण समय-समय पर विभिन्न कारणों से लटकता रहा। स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण बरसाती नदी के तट पर होना निर्माण कार्य रुकने की सबसे बड़ी वजह थी। मगर जुलाई 2018 में तत्कालीन डीएम ने मौके पर पहुंचकर स्पोर्ट्स कॉलेज की भौगोलिक स्थिति देखी। उनके प्रयास से कॉलेज को सुरक्षित क्षेत्र में 72 बीघा जमीन दी गई। अब कॉलेज के नक्शे में बदलाव कर स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण पूरा किया जाएगा।
2- डॉक्टर भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम
डॉक्टर भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाना है, जिसके लिए शासन से सात करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सिंथेटिक ट्रैक वाला प्रदेश का पहला सरकारी स्टेडियम होगा डॉ. आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम। स्टेडियम में क्रिकेट के लिए सुविधाएं बढ़ने जा रही हैं। इलेक्ट्रोनिक बॉलिंग मशीन मिलने वाली है। चार नए विकेट बनाए जा रहे हैं, जिनमें दो टर्फ और दो सीमेंटेड होंगे। इसके अलावा दिसंबर माह में ही स्टेडियम में नए कार्य भी शुरू हुए हैं, जिनमें बैडमिंटन हाल की छत को बदलना, लॉन टेनिस के लिए हाल का निर्माण करना तथा स्टेडियम में बने जिम के लिए दस लाख रुपये की नई मशीनें खरीदना शामिल है।
3- क्रिकेट के क्षेत्र में उपलब्धि
क्रिकेट के क्षेत्र में सहारनपुर के खिलाड़ियों ने प्रदेश से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहारनपुर को पहचान दिलाई। सबसे पहले शानू सैनी और इसरार खान ने यूपी की रणजी टीम में जगह बनाई। प्रदेश की अंडर-23 टीम में दीपांशु वत्स, वाजिद अली, मुकेश कुमार चयन कराने में सफल रहे। अंडर-19 टीम में प्रांजल सैनी, अंडर-16 टीम में कुनाल त्यागी, आकिब खान तथा मो. अमान चुने गए। सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव लतीफुर्रहमान ने बताया कि अंकित कुमार सिंह मेघालय की ओर से खेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि आईपीएल में कार्यरत मो. अकरम सैफी के प्रयास से खिलाड़ियों के प्रदर्शन में निखार आया और वह चयन कराने में सफल रहे हैं। इसके अलावा इस बार आईपीएल में दो फैन पार्क सहारनपुर में लगाए गए, जिनको दुनिया भर के लोगों ने देखा। अकरम सैफी के सहयोग से ज्ञानकलश इंटरनेशनल स्कूल के मैदान पर काम चल रहा है, जिसपर जल्द ही रणजी मैच हुआ करेंगे।
4- एथलेटिक्स
एथलेटिक्स में सहारनपुर के खिलाड़ियों ने अनेक प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जनपद का नाम रोशन किया। कोच लाल धर्मेंद्र प्रताप के अनुसार रांची में आयोजित जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सहारनपुर के कार्तिक, फरमान अली, संदीप, विशाल, हरमीत, कवित आदि ने पदक जीते। सभी खिलाड़ियों का चयन यूपी जोनल टीम के लिए हुआ। रांची में ही आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कार्तिक ने दस हजार मीटर में स्वर्ण तथा फरमान अली ने पैदल चाल में कांस्य पदक जीता। नॉर्थजॉन प्रतियोगिता में संदीप ने कांस्य पदक जीता।
5- जूडो
जूडो में सहारनपुर के खिलाड़ियों ने अनेक पदक जीतकर जनपद का नाम चमकाया। जिला उप क्रीड़ा अधिकारी काशीनरेश यादव ने बताया कि सितंबर माह में हिमाचल प्रदेश में हुई सब जूनियर राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता में राहुल वर्मा ने रजत, पिंटू सैनी ने रजत तथा रोहन ने कांस्य पदक हासिल किया। गुजरात में दिसंबर माह में हुई 64 वीं स्कूल राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता में राहुल वर्मा ने कांस्य, आकाश यादव ने कांस्य, बरखा ने कांय, प्राची ने कांस्य पदक जीते।
6- फिजिक स्पोर्ट्स
अक्तूबर 2018 में पुणे में हुई 53वीं एशियन बॉडी बिल्डिंग एवं फिजिक खेल प्रतियोगिता में सहारनपुर की संजना ढालक ने स्वर्ण पदक जीतकर मिस एशिया फिजिक का खिताब अपने नाम करते हुए सहारनपुर का नाम रोशन किया। इसी प्रतियोगिता में यतेंद्र सिंह पंवार ने अपनी श्रेेणी में स्वर्ण पदक हासिल किया।
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लक्ष्य और सचिन के जाने से बड़ा नुकसान
12 दिसंबर को रोहाना में एक सड़क हादसे में सहारनपुर के लक्ष्य और सचिन राठौर की मौत हो गई। नानौता का रहने वाला लक्ष्य यूपी की अंडर-14 टीम का खिलाड़ी रहा है। वर्तमान में वह अंडर-16 टीम में था। इसके अलावा अंडर-19 का कैंप भी कर चुका था। इसके अलावा जेजेपुरम निवासी सचिन राठौर लेगब्रेक बॉलर था। साथ ही यूपीसीए के अंपायरिंग पैनल में भी था। कुछ समय पहले जब रवि शास्त्री सहारनपुर आए थे तो सचिन की प्रतिभा देखकर हैरान हुए थे। उन्होंने सचिन को करियर बनाने के लिए सहारनपुर छोड़ देने की सलाह दी थी। दोनों ही खिलाड़ियों की असमय मौत से सहारनपुर के खेल क्षेत्र को झटका लगा है।