अनशनकारी किसानों की हालत बिगड़ी, भर्ती कराया
साढौली कदीम (सहारनपुर)। चीनी मिल संचालित कराने की मांग को लेकर तीन दिन से आमरण अनशन पर बैठे तीनों किसानों की हालत बिगड़ती देख एसडीएम ने उन्हें काफी मशक्कत के बाद जिला अस्पताल उपचार के लिए भिजवाया। इन किसानों के अस्पताल जाते ही चार अन्य किसान आमरण अनशन पर बैठ गए।
बता दें कि पिछले चार वर्ष से बंद पड़ी यमुना खादर एवं घाड़ क्षेत्र की एक मात्र औद्योगिक इकाई टोडरपुर चीनी को शुरू कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों का 20 अक्तूबर से मिल गेट पर लगातार धरना जारी है। रविवार को आमरण अनशन के तीसरे दिन धरना स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीनों किसानों के स्वास्थ्य की जांच की। टीम प्रभारी डा.विकास कुमार ने बताया कि शुक्रवार से वे आमरण अनशन पर बैठे किसान दर्शन लाल कांबोज, चमेल सिंह सैनी और हाजी मुकर्रम के स्वास्थ्य में गिरावट है। उन्होंने किसानों से स्वास्थ्य सेवा लेने का अनुरोध किया। लेकिन किसानों ने मना कर दिया। इसके बाद दोपहर लगभग 12 बजे एसडीएम बेहट फोर्स के साथ पहुंचे। लेकिन किसानों ने घंटों तक एसडीएम की एक नहीं सुनी। किसानों का कहना है कि प्रशासन के पास झूठे आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं है। अब जब तक मिल गेट नही खुलेगा। वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे।
घंटों की मशक्कत के बाद लगभग तीन बजे एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ तीनों किसानों को जिला अस्पताल इलाज के लिए भेजा। धरने पर बैठे किसानों में से तत्काल पद्म प्रकाश शर्मा, बाबूराम सैनी, हाजी खुर्शीद और मोहम्मद इश्त्याक आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्होंने प्रशासन को चेताया कि जब तक उनकी पीड़ा को नहीं सुना जाएगा। वे आमरण अनशन को बंद नहीं होने देंगे। अब किसान न खुद चैन से बैठेगा और न ही निकम्मे प्रशासन को बैठने देगा। एसडीएम ने आमरण पर बैठे बुजुर्ग किसानों से आग्रह किया कि वे सर्दी में भारी बिस्तर का प्रयोग करते रहें। डीएम से स्वीकृति प्राप्त कर वे धरना स्थल पर अलाव जलाने की भी व्यवस्था करेंगे। धरना स्थल पर किसान कार्तिक कांबोज, बिरम पाल कांबोज, सतीश शर्मा, बुद्ध सिंह, रणबीर सिंह, रामपाल सिंह, इंद्राज सिंह, चौधरी देवी सिंह, शिकलचंद, मेघराज सैनी, सोमपाल सिंह, सुरेश पाल, शोभाराम भगत, मेनपाल सिंह, रघुबीर सिंह, हार्दिक, अवनीश कांबोज, बिट्टू सिंह, जायर चांद मियां, चौधरी ताहिर, अयूब हसन आदि मौजूद रहे।