देवबंद (सहारनपुर)। कांग्रेस के पूर्व विधायक माविया अली द्वारा ब्लैकमेल किए जाने के मामले में एआईयूडीएफ के सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल की रिपोर्टर से हुई बातचीत में उन्होंने माविया अली पर एक करोड़ रुपये मांगे जाने का आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रही बातचीत में मौलाना बदरुद्दीन अजमल कह रहे हैं कि इस मामले को लेकर रोना आ रहा है दुनिया में रोने की कोई जगह नहीं मिल रही है। दारुल उलूम देवबंद जो हरमैन शरीफेन के बाद बहुत अहतराम (इज्जत) की जगह है। अगर हिंदुस्तान की तारीख लिखनी हो तो देवबंदी उलमा के बगैर यह अधूरी है। देवबंद में हमारे साथ इतना बड़ा धोखा हो जाएगा कभी सोचा नहीं था। इस मामले को लेकर हमने प्रेस में जाने से एहतियात बरती, लेकिन वो (माविया अली) वहां बहुत कुछ फैला रहे हैं। जिसके बाद सफाई देना जरूरी हो गया। आगे प्रकरण का जिक्र करते हुए मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि आज से चार माह पूर्व देवबंद में साढ़े नौ बीघा जमीन खरीदी थी। मेरा प्रोग्राम वहां एक हॉस्पिटल बनाने का था, लेकिन मेरा इरादा हुआ कि इसको बेचकर इससे बड़ी जगह ली जाए ताकि बड़ा हॉस्पिटल बनाया जा सके। जिसके बाद जगह बेचने के बारे में लोगों से बातचीत की गई। जिसके लिए भूमि की कीमत 6 करोड़ रुपये लगाई। इस बीच माविया अली हमारे केयर टेकर शकील खान के संपर्क में आए। बातचीत आगे बढ़ी और माविया अली ने उनके दिल्ली स्थित आवास पर चार बार मीटिंग की। जिसमें माविया अली ने तीन माह में पेमेंट देने का वायदा किया। हमारा भरोसा देखिए कि एक पैसा लिए बिना जमीन दे दी। बदरुद्दीन अजमल के मुताबिक जब आखिरी बार उनके कमरे में मीटिंग हुई तो माविया अली पेन के साथ (रिकॉर्डिंग वाले पेन) आए और उन्होंने बातचीत रिकॉर्ड कर ली जिसका हमें जरा भी पता नहीं लगा। बाद में माविया अली ने हमारे सीए जमाल खान को एसएमएस भेजा और 14 तारीख को मिलने के लिए बुलाया। इसके तुरंत बाद एक वीडियो भेजी गई। जिसको देख हमारे पैरों तले से जमीन खिसक गई। फिर माविया अली ने जमाल खान को 19-20 तारीख में मिलने बुलाया साथ ही कहा कि अगर नहीं आए तो यह वीडियो गुवाहटी में न्यूज चैनल को दे दी जाएंगी। अजमल के मुताबिक उसके बाद मैने पार्लियामेंट पुलिस से संपर्क कर इसकी जानकारी दी। उनके कहने पर जमाल खान को माविया अली के कमरे में भेजा गया। जिसके जाते ही माविया ने कहा कि एक करोड़ रुपये नहीं लाए हो। इतनी बात होते है पुलिस वहां पहुंच गई और माविया अली को हिरासत में ले लिया।