देवबंद (सहारनपुर)। मोहल्ला खानकाह में सज्जाद लाइब्रेरी और पठानपुरा में जामा मस्जिद की संग-ए-बुनियाद उलमा के हाथों रखी गई। इस दौरान दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी और जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अरशद मदनी ने एकता का पैगाम देते हुए आपसी सौहार्द को बढ़ाए जाने का संदेश दिया।
मंगलवार को मोहल्ला पठानपुरा रेती चौक पर आयोजित हुए कार्यक्रम में मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी व मौलाना अरशद मदनी समेत प्रमुख उलमा ने जामा मस्जिद (मुगलो वाली) की संग-ए-बुनियाद रखी। इस अवसर पर मौलाना मदनी ने कहा कि मस्जिद की संग-ए-बुनियाद हमें यह सबक देती है कि हमें आपस में प्यार और मोहब्बत के साथ रहना चाहिए और ईंट का जवाब पत्थर से नहीं बल्कि प्यार व मोहब्बत से देना चाहिए। ताकि हमारा समाज और हमारा वतन तरक्की कर सके। उन्होंने कहा कि हमें अपने बुजुर्गों के तालीम के ऊपर अमल करते हुए मस्जिदों की तामीर और तरक्की में बढ़ चढक़र हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी मस्जिदें हर वक्त खुली रहती हैं ताकि सारे इंसान उनके करीब आकर सबक हासिल करें। मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि मस्जिदें अल्लाह का घर हैं और उनका अहतराम (इज्जत) करना हम सब मुसलमानों के लिए जरूरी है। इस मौके पर चेयरमैन जियाउद्दीन अंसारी, मुफ्ती खालिमुल इस्लाम, सदरुद्दीन अंसारी, रियाजुद्दीन, नदीम खां, फरमान, मो. उमर, मुफ्ती अखलाक, डा. फैसल आदि मौजूद रहे। उधर, मोहल्ला खानकाह में दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने सज्जाद लाइब्रेरी की संग-ए-बुनियाद रखी और दुआ कराई। इस मौके पर मुफ्ती रशीद, मुफ्ती शिराज, मौलाना शाहआलम गोंडवी, मौलाना जमालुद्दीन, मौ. सुफियान काजमी, मौलाना अब्दुल हक आदि मौजूद रहे।