सहारनपुर। गन्ना प्रजाति बदलाव के परिणाम सामने आने लगे हैं। गत वर्ष से कम क्षेत्रफल होने के बावजूद इस बार 123 लाख क्विंटल अधिक गन्ना पेराई होने का अनुमान है। इससे किसानों को 455 करोड़ रुपये अधिक मिलने की उम्मीद है।
लोकप्रिय गन्ना प्रजाति कोशा-0238 के रोगग्रस्त होने के बाद से गन्ना विभाग प्रजाति बदलाव में जुटा है। रेडरॉट सहित अन्य रोगों से ग्रस्त होने के चलते गन्ना उत्पादकता प्रभावित हो रही है। इससे चिंतित गन्ना विभाग ने किसानों से इस प्रजाति के स्थान अन्य उन्नतशील प्रजातियों की बुआई का अभियान चलाया। इससे मंडल में कोशा- 0238 प्रजाति का क्षेत्रफल 85 प्रतिशत से घटकर 60 फीसदी रह गया है। इससे मंडल में गन्ने की उत्पादकता में भी इजाफा हुआ है।
मंडल की चीनी मिलों ने गत सीजन में जहां 1648 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी, वहीं इस बार 1771 लाख क्विंटल गन्ना पेराई होने का अनुमान है, जबकि इस सीजन में गत सीजन की उपेक्षा गन्ने का रकबा कम था। गत सीजन में मंडल में जहां 3.74 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल था वहीं इस सीजन में घटकर 3.71940 लाख हेक्टेयर रह गया था।