सहारनपुर। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम सहारनपुर डिपो में एक ही माह का दो बार वेतन जारी कर दिया गया। एक ही हस्ताक्षर से भेजे गए दो बार वेतन को बैंक ने भी खातों में भेज दिया गया। जिसमें लगभग 48 लाख रुपये का घपला हो गया। वेतन 391 कर्मचारियों के खातों में भेजा गया। मामला खुला तो हड़कंप मच गया। रोडवेज अधिकारियों ने रिकवरी होने तक 391 कर्मचारियों के खातों को सीज करा दिया। क्षेत्रीय प्रबंधक ने एआरएम पर कार्रवाई की संस्तुति की है। बैंक को भी नोटिस जारी किया गया है।
परिवहन निगम द्वारा जून माह का वेतन कर्मचारियों के खातों में 474 कर्मचारियों के खातों लगभग 60 लाख रुपये जारी किया गया, लेकिन बैंक द्वारा तकनीकी खराबी आने के चलते 81 कर्मचारियों का वेतन उनके खातों में जाने के स्थान पर बैंक में वापस आ गया। इस पर एआरएम फाइनेंस ने केवल 81 कर्मचारियों को वेतन जारी करने के बजाय बैंक को चेक की धनराशि को दोबारा भुगतान करने की संस्तुति कर दी, लेकिन बैंक ने 391 कर्मचारियों के खाते में दोबारा वेतन भेज दिया। इससे रोडवेज को 48 लाख 67 हजार चार सौ 55 रुपये कर्मचारियों के खातों में अधिक पहुंच गया। इस गोलमाल का खुलासा हुआ तो हड़कंप मच गया। क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार ने मामले की जानकारी प्रबंध निदेशक को दी और एआरएम फाइनेंस पर कार्रवाई की संस्तुति की। जिसके बाद एआरएम फाइनेंस ने सभी 391 खातों को सीज कर दिया और उनसे रिकवरी की कार्रवाई शुरू करा दी। अब जुलाई का वेतन जारी कर पूरे भुगतान की वसूली की जाएगी।
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-- एआरएम की वरिष्ठता को देखते हुए किया भुगतान
इस मामले में बैंक अधिकारियों का कहना है कि एआरएम फाइनेंस ने कर्मचारियों के खाते में दो बार भुगतान के लिए भेजा था, एआरएम की वरिष्ठता को देखते हुए ही बैंक ने बिना आपत्ति किए ही भुगतान कर दिया।
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-- कर्मचारियों के खातों से होगी वसूली
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक वित्त रंजीत गुप्ता का कहना है कि बैंक की गलती से ही यह गड़बड़ी हुई है। पहले तो बैंक ने तकनीकी गड़बड़ी बताकर खातों में वेतन नहीं भेजा। बाद में दो बार वेतन भेज दिया। जिस कारण खातों को वसूली होने तक सीज करा दिया गया है। जुलाई का वेतन जारी होने के बाद खातों से एक माह के वेतन की वसूली कर ली जाएगी। रिकवरी होने के बाद खातों को बहाल कर दिया जाएगा।
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