सहारनपुर। वित्तीय वर्ष के अंतिम दौर में विद्युत निगम ने बकाएदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बकाएदार सरकारी दफ्तरों के कनेक्शन काटने शुरू कर दिए तथा बड़े बकाएदारों पर भी नजर गड़ा दी है। विद्युत निगम ने कर्मचारियों के लिए भी वसूली करने पर स्कीम दी है और लक्ष्य के सापेक्ष 90 प्रतिशत वसूली किए जाने पर 12 प्रतिशत इंसेंटिव दिए जाने का ऑफर दिया गया है।
जिले में पर्याप्त बिजली की सप्लाई एवं बढ़ती खपत ने बिजली के बिलों में तो वृद्धि कर दी है। लेकिन विद्युत निगम के लिए बिलों की वसूली करना चुनौती बन गया है। जिले भर में 50 करोड़ रुपये से अधिक के बकाए की वसूली के लिए विद्युत निगम ने हर तरह से प्रयास शुरू कर दिए हैं। विद्युत निगम ने टीमें बनाकर रात में एवं तड़के ही छपामारी करने की कारवाई शुरू करा दी है। जिससे बिजली की चोरी पकड़ी जा सके। जबकि वसूली के लिए दबाव बनाने के लिए सरकारी दफ्तरों के कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं। विद्युत निगम अब तक लोक निर्माण विभाग, गन्ना भवन, सरसावा के थाना समेत कई कार्यालयों की बिजली काटी जा चुकी है। इसके साथ ही विद्युत निगम ने वसूली के लिए कर्मचारियों के भी लक्ष्य निर्धारित कर दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक अस्थायी कर्मचारी से लेकर अधिशासी अभियंता तक सभी को लक्ष्य दिया जा रहा है। 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने पर कर्मचारी को 12 प्रतिशत इंसेंटिव दिया जाएगा। देहात क्षेत्रों में 80 प्रतिशत वसूली पर ही कर्मचारियों को इंसेंटिव मिलेगा।
विद्युत निगम का बकाया है 50 करोड़
सहारनपुर। जिले भर में विद्युत निगम का 50 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया बताया जा रहा है। विद्युत निगम के अधिकारियों के मुताबिक नगरीय क्षेत्र में लगभग 20 करोड़ का बकाया बताया जा रहा है। जबकि देहात क्षेत्र में 30 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया बताया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, बिजली की सप्लाई अधिक होने से बिजली का बकाया भी अधिक हो गया है। जिसके वसूली के प्रयास कराए जा रहे हैं।