गंगोह (सहारनपुर)। स्कूली बच्चों और दुकानदार में हुई मारपीट के मामले में एसडीएम नकुड़ अमित आसेरी के फैसले से स्कूली बच्चों का भविष्य बर्बाद होने से बच गया। एसडीएम ने धारा 151 के नोटिस को खारिज करते हुए बच्चों को झगडे़ से बचने और अपनी पढ़ाई के प्रति गंभीर होने की नसीहत देकर छोड़ दिया। मामले में पुलिस की भूमिका भी मानवीय दृष्टिकोण वाली रही।
बता दें कि एक दुकानदार के पुत्र के साथ हुई मारपीट के मामले में चार स्कूली छात्रों के खिलाफ मारपीट और लूट के आरोप में नामजद तहरीर दी गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट तक दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास होने लगे। पुलिस से भी बच्चों की रिहाई और केस वापसी का अनुरोध किया जाने लगा। इसके बाद कोतवाल संजीव कुमार ने गणमान्य नागरिकों की अपील और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रख कर समझौतानामा दाखिल चारों स्कूली छात्रों को शांतिभंग की आशंका की धारा 151 के तहत एसडीएम कोर्ट में पेश कर दिया। कक्षा 8 से कक्षा 12 तक के बच्चों को देखकर एसडीएम ने उनसे पूरा घटनाक्रम पूछा, तो बच्चों ने उन्हें मामले से अवगत कराया। जिस पर एसडीएम अमित आसेरी ने छात्रों के भविष्य को देखते हुए अपने विवेक से सभी छात्रों को पढ़ाई में ध्यान देने की नसीहत देकर बाइज्जत रिहा कर दिया।