फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर निगम ने बिना जांच के जारी किया मृत्यु प्रमाण पत्र

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। नगर निगम में भी जो चाहे वह हो जाए। ताजा मामला एक व्यक्ति की मृत्यु का प्रमाण पत्र जारी करने का है। दिल्ली में हुई एक व्यक्ति की मौत को नगर निगम की ओर से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में सहारनपुर में दर्शाया गया है। जबकि दिल्ली नगर पालिका परिषद की ओर से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में मौत एम्स में दर्शाई गई है। सवाल यह है कि एक व्यक्ति एक ही तिथि और एक ही समय पर दो जगह कैसे मर सकता है। मामला तब पकड़ में आया, जब मृतक के परिजनों ने इंश्योरेंस कंपनी में क्लेम के लिए फाइल दाखिल की।
विज्ञापन

सहारनपुर निवासी बलदेवराज धवन की मौत इलाज के दौरान दिल्ली के एम्स में 26 अगस्त को हुई थी। मौत के बाद परिजनों ने दिल्ली से एक मृत्यु प्रमाण पत्र लिया था। दिल्ली नगर पालिका परिषद के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में बलदेवराज की मौत 26 अगस्त को ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस यानी एम्स दिल्ली में हुई थी। दिल्ली से मृत्यु प्रमाण पत्र दस अक्तूबर 2017 को जारी किया गया। इसके बाद 12 अक्तूबर 2017 को परिजनों ने नगर निगम सहारनपुर से एक मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया। मगर नगर निगम सहारनपुर के कर्मचारियों ने बिना कोई जांच किए मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया, जिसमें बलदेवराज की मौत बेरीबाग में दर्शा दी। इतना ही नहीं, दिल्ली से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में मृतक का स्थाई पता भी दिल्ली का दर्शाया गया है। इन तमाम खामियों का पता तब चला, जब बलदेव के परिजनों ने इंश्योरेंस के क्लेम के लिए कंपनी में फाइल दाखिल की। इंश्योरेंस कंपनी ने जब बलदेव की मौत की जांच कराई तो दोनों मृत्यु प्रमाण पत्रों में मौत का स्थान और स्थाई पते में भिन्नता पाई गई।

कोई भी प्रमाण पत्र हो बिना जांच के जारी नहीं किया जा सकता। यदि किसी व्यक्ति को जारी प्रमाण पत्र में गड़बड़ियां हैं तो शिकायत मिलने पर उसकी जांच कराई जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

गौरव वर्मा, नगरायुक्त।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें