सहारनपुर। लघु और सीमांत किसानों के फसली ऋृण मोचन योजना में जागरूकता, अनुश्रवण और शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला, मंडल तथा राज्य स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। राज्य स्तरीय समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन, मंडल स्तर पर संबंधित मंडल के मंडलायुक्त तथा जिलास्तर पर जिलाधिकारी अध्यक्ष होंगे।
जिलास्तर पर व तहसील स्तर पर योजना की शिकायतों के निवारण एवं अनुश्रवण के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना भी की जाएगी। यह जानकारी मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी सचिव, जिला कृषि अधिकारी, सह-सचिव, उप कृषि निदेशक, अपर जिला मजिस्ट्रेट, अग्रणी बैंक प्रबंधक (एलडीएम), सहायक निबंधक/आयुक्त सहकारी समितियां, महाप्रबंधक सहकारी बैंक, जिला समन्वयक (सभी बैंकों से), जिला गन्ना अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी तथा जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी को सदस्य नामित किया गया है। मंडलायुक्त ने बताया कि जिलास्तरीय समिति की बैठक के कार्यवृत्त को ‘वेब-पोर्टल’ पर अपलोड किया जाएगा। किसानों के वर्गीकरण के निर्धारण के लिए जिलास्तरीय समिति ही उत्तरदायी होगी। मंडलायुक्त ने बताया कि जिला स्तर पर शिकायत निवारण एवं अनुश्रवण के लिए एक कंट्रोल रूम की स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि आफ लाइन शिकायत का पंजीकरण जिलाधिकारी के कंट्रोल रूम में योजना में दिए गए प्रारूप पर किया जाएगा। जिसे बाद में पोर्टल पर ऑनलाइन कराया जाएगा। इसी प्रकार तहसील स्तर पर भी एक कंट्रोल रूम की स्थापना की जाएगी। मंडल स्तर पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। संयुक्त विकास आयुक्त सचिव, संयुक्त कृषि निदेशक सह-सचिव, मंडल के सभी जिलाधिकारी, मंडल के सभी मुख्य विकास आयुक्त, संयुक्त निबंधक/आयुक्त सहकारी समितियां, उप गन्ना आयुक्त, उप निदेशक, सूचना, उप निदेशक अर्थ एवं सांख्यिकी, मंडल के जिलों में कार्यरत बैंकों के नियंत्रक (जोनल प्रबंधक) को सदस्य नामित किया गया है। योजना में ऋण मोचन के लिए समस्त संगत पहलुओं पर विचार कर योजना का स्वरूप तैयार करेंगी।