जीएसटी : असमंजस से बाजार को लगेगा झटका
सहारनपुर। एक जुलाई से प्रस्तावित जीएसटी के विभिन्न नियमों को लेकर व्यापारियों में व्याप्त असमंजस का असर बाजार पर पड़ना तय माना जा रहा है। विरोध कर रहे व्यापारी नेताओं का आरोप है कि जीएसटी लागू करने से पहले व्यापार जगत को पर्याप्त समय नहीं दिया गया है। साथ ही कई प्रावधानों पर उनको सख्त एतराज है। इस असमंजस के चलते बाजार को कई महीने तक मंदी का सामना करना पड़ सकता है।
जनपद में कपड़ा, हौजरी, वुडकार्विग, हार्डवेयर, किरयाना और दवाइयों का बड़ा कारोबार माना जाता है। एक जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी को लेकर स्थानीय व्यापारी असमंजस की स्थिति में हैं। व्यापारी नेता विमल विरमानी का कहना है कि यहां कपड़ा, हौजरी, वुड कार्विग, किरयाना, दवाईयों आदि का बड़ा कारोबार है। व्यापारी जीएसटी का नहीं बल्कि उसमें व्याप्त खामियों का विरोध कर रहे हैं। जिसको लेकर 30 जून को भारत बंद का आह्वान किया गया है। उन्होंने कहा कि कपडे़ पर पहले कभी भी कोई टैक्स नहीं लगता था लेकिन जीएसटी में इसे 5 प्रतिशत के दायरे में रखा गया है। हालांकि भारी विरोध के चलते इसे तीन महीने तक स्थगित किया गया है। हौजरी का कारोबार भी यहां लुधियाना के बाद देश में दूूसरे नंबर पर आता है। जीएसटी का इस कारोबार पर अनुकूल असर नहीं पडे़गा। दवाईयों में कई टैक्स दरें रखी गई हैं इसे लेकर व्यापारियों में असमंजस बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के कई प्रावधानों से लाल फीताशाही को बढ़ावा मिलेगा। व्यापारी नेता राधेश्याम नारंग का कहना है कि कपड़ा, वुड कार्विंग, किरयाना और हौजरी के कारोबारी जीएसटी को लेकर अभी भी संशय में हैं। जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ना तय है। इसके अलावा अभी तक करीब 35 फीसदी व्यापारियों का जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। कई महीने तक बाजार पर इसका असर रहेगा।
सराफा पर भी होगा मंदी का असर
जीएसटी में ज्वैलरी पर टैक्स की दर को एक से बढ़ाकर 3 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा लेबर पर पांच प्रतिशत सर्विस टैक्स भी लगाया गया है। जीएसटी लागू होने से ज्वैलरी मंहगी हो जाएगी। व्यापारी नेता राम राजीव सिंघल ने कहते हैं कि यहां पर सराफा की 300 से अधिक दुकानें हैं। जीएसटी लागू होने से कारोबार में मंदी आने की आशंका है।