उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के वीसलपुर में एक साधु ने त्रिशूलनुमा छड़ से ताबड़तोड़ प्रहार कर एक विधवा की हत्या कर दी। उसकी आंखें भी फोड़ दीं।
परिवार वालों के ललकारने पर भागते साधु की छत से कूदने के कारण मौत हो गई। मृतका के बेटे ने साधु के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
मोहल्ला पटेलनगर निवासी राजकुमार गंगवार की परचून की दुकान है। सोमवार की रात दिल्ली से उनके घर साधु जगनारायण दास आए थे। भोजन करने के बाद साधु और राजकुमार की मां लीलावती छत पर आराम करने के लिए चले गए।
राजकुमार और उनकी पत्नी किरन देवी नीचे कमरे में सो रहे थे। राजकुमार के ससुर रामशरण लाल भी दुमंजिले पर एक कमरे में सो रहे थे। राजकुमार का आरोप है कि रात लगभग डेढ़ बजे महात्मा ने पास में रखे अपने त्रिशूल से छत पर सो रही 48 वर्षीया लीलावती के चेहरे और सिर पर कई वार किए।
हमले में लीलावती की आंखें फूट गईं। खून से लथपथ लीलावती की चीख सुनकर रामशरण लाल जाग गए। उन्होंने महात्मा को ललकारा तो वह छत से गैलरी में कूद गया। गैलरी के खड़ंजे से चेहरा टकराने के कारण 55 वर्षीय महात्मा की भी मौके पर ही मौत हो गई।
इस बीच राजकुमार और उसकी पत्नी किरन भी जाग गई थीं। तब तक लीलावती भी दम तोड़ चुकी थी। सूचना पर सीओ जीएस राठी, प्रभारी कोतवाल राजेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। राजकुमार ने मृतक साधु जयनारायण लाल के खिलाफ अपनी मां की हत्या का मामला दर्ज कराया है। एसपी एन कोलांची ने भी मौका मुआयना किया।