उत्तरप्रदेश में बीएड काउंसलिंग में आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र के मामले में अभ्यर्थियों को कुछ राहत मिली है।
छह महीने की जगह अब तीन साल पहले बना प्रमाण पत्र मान्य होगा। केंद्रों पर प्रमाण पत्र की वैधता को लेकर हंगामा और सवाल-जवाब करने के बाद गोरखपुर विश्वविद्यालय ने यह कदम उठाया है।
बीएड सत्र 2013-14 की काउंसलिंग में गोरखपुर विवि ने आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र बनने की अवधि छह माह से बढ़ाकर तीन साल कर दी है।
अभी तक 1 अप्रैल 2013 से पहले के जाति प्रमाण पत्र मान्य नहीं थे। काउंसलिंग के समन्वयक डॉ. आर्येंद्र कुमार शर्मा के मुताबिक गोरखपुर विवि ने आय प्रमाण पत्र तीन साल पुराना होने की छूट दे दी है।
इसके साथ जाति प्रमाण पत्र में भी यह नियम माना जाएगा। उधर, केंद्रों पर जाति प्रमाण पत्र को लेकर संचालकों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
महिला अभ्यर्थी की जाति उसके पिता से मानी जाती है। चॉइस लॉक को लेकर नए परेशानी खड़ी होती दिख रही है। सर्वर में दिक्कत आने और पासवर्ड नहीं मिलने के बाद विवि ने सभी चॉइस अनलॉक कर दी है।