रेलवे सुरक्षा बल में 19 हजार कांस्टेबलों की भर्ती के लिए रविवार को दिल्ली में हुई परीक्षा का पेपर आउट हो गया। इसमें अभ्यर्थियों सहित कई और लोग भी पुलिस की पकड़ में आए हैं।
पुलिस के हत्थे चढ़े कई लोग
एसटीएफ मेरठ और पुलिस ने बुढ़ाना के जंगल में एक ट्यूबवेल पर छापा मारकर मोबाइल फोन के जरिये पेपर सॉल्व कराते पांच युवकों को गिरफ्तार कर लिया। देर रात क्राइम ब्रांच ने दिल्ली से लौटते तीन अभ्यर्थियों और पेपर हल कराने के आरोपी तीन अन्य युवकों को भी गिरफ्तार कर इनके कब्जे से पेपर और 25 हजार की नगदी बरामद की। बागपत जिले के बड़ौत में कोचिंग सेंटर चलाने वाला गिरोह का सरगना फरार है।
फिलहाल रद्द नहीं की गई है परीक्षा
खुलासे के बावजूद परीक्षा फिलहाल रद्द नहीं की गई है। 2011 में 11,952 और 2012 में सात हजार कांस्टेबलों की भर्ती के लिए रिक्तियां निकाली गई थीं। प्रक्रिया में देरी की वजह से दोनों परीक्षाएं एक साथ कर दी गईं। पहले चरण में 16 जून, दूसरे में 23 और तीसरे में 30 जून को दिल्ली में विभिन्न केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी।
एसटीएफ के एसएसपी डीके चौधरी ने मामले की पड़ताल की जिम्मेदारी एसटीएफ की नोएडा एवं मेरठ यूनिट के अधिकारियों को सौंपी थी। सूचना के आधार पर रविवार को परीक्षा के दौरान एसटीएफ मेरठ के सीओ अनित कुमार के नेतृत्व में टीम ने बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के जंगल में सुभाष त्यागी के ट्यूबवेल पर छापा मारा।
यहां से बुढ़ाना थाना के बिटावदा निवासी राहुल और संदीप, जौला गांव निवासी अबरार, फुगाना थाने के कुरावा गांव निवासी कुलदीप और बागपत के दोघट थाने के गांव धनौरा निवासी विनीत को गिरफ्तार कर इनके पास से सॉल्व पेपर और 12 मोबाइल बरामद किए।
सरकारी नौकरी दिलाने का चलता था ठेका
रविवार को दिल्ली के केंद्रों पर सुबह 11.00 से 12.30 बजे तक परीक्षा थी। 11.05 बजे सॉल्व पेपर के साथ आरोपियों को दबोचा गया, जो मोबाइल पर एसएमएस के जरिये दिल्ली में अभ्यर्थियों को ऑब्जेक्टिव सवालों के जवाब भेज रहे थे। इन युवकों ने 61 अभ्यर्थियों के मोबाइल पर एसएमएस किए, जिसकी सूची भी बरामद हो गई। यह गिरोह सरकारी नौकरियों की परीक्षा का ठेका लेता था।
एसएमएस के जरिए आंसर भेजा गया
पूछताछ में खुलासा हुआ कि पहले दोनों चरणों की परीक्षा में भी 99 परीक्षार्थियों को एसएमएस से प्रश्नपत्र का हल भेजा गया था। इस काम के लिए आवेदकों से तीन से पांच लाख रुपये तक वसूले गए। पुलिस ने फिलहाल बोर्ड को पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया है। एसटीएफ के मुताबिक गिरोह का सरगना बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के बावली गांव का निवासी अरविंद राणा है, जो वहां राणा कोचिंग सेंटर चलाता है।
राणा वर्तमान में मेरठ स्थित दौराला के मिलांज मॉल के पास अक्षरधाम कॉलोनी में रह रहा है। एसटीएफ उसकी खोजबीन में जुटी हुई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भर्ती बोर्ड से राणा ने पेपर कैसे और कहां से आउट कराया।