बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर मुख्यमंत्री का पुतला फूंकना भाजपा जिलाध्यक्ष व अन्य को महंगा पड़ गया।
सपा नेता राजितराम यादव की तहरीर पर पुलिस ने मंगलवार को जिलाध्यक्ष समेत सात नामजद व 20 अज्ञात लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
सभी पर 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की भी कार्रवाई की गई है।
उल्लेखनीय है कि भाजपा नेतृत्व के निर्देश पर सोमवार को तहसील मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने बिजली की बढ़ी दरों के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
जिलाध्यक्ष रामप्रकाश यादव के नेतृत्व में प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला भी फूंका गया था।
इस पर सपा राज्य कार्यकारिणी के पूर्व सदस्य राजितराम यादव ने मंगलवार को एसओ को एक तहरीर सौंपी और मुख्यमंत्री के विरुद्ध अपशब्दों का प्रयोग करते हुए पुतला फूंकने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
तहरीर में कहा गया कि प्रदर्शन व पुतला दहन से डाकघर के समक्ष जाम व अफरा-तफरी की स्थिति रही। इससे सरकारी कार्य में व्यवधान के साथ ही राज्य के प्रति युद्ध की घोषणा की स्थिति उत्पन्न हुई।
तहरीर पर पुलिस ने जिलाध्यक्ष रामप्रकाश यादव, भाजपा नेता डॉ. शिवपूजन वर्मा, जगन्नाथ गुप्त, लालजी यादव, रमापति, रणविजय व तिलकधारी समेत 20 अज्ञात लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
आरोपियों पर 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट भी लगाया गया है। उधर प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी मिलते ही भाजपा व हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कड़ी नाराजगी जताई है।
जिला महामंत्री अमरनाथ सिंह ने कहा कि यह सरकार व उससे जुड़े लोगों की बौखलाहट का परिणाम है। विहिप जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, केशव प्रसाद श्रीवास्तव व गणेशलाल ने अविलंब प्राथमिकी वापस लेने की मांग की है।