उत्तर प्रदेश के बरेली में डीडीपुरम के एक अस्पताल की एक अटेंडेंट के साथ उसके सहकर्मी ने बलात्कार किया। जख्मी युवती का उपचार उसी अस्पताल में किया गया।
मेडिकल जांच में प्रथम दृष्ट्या बलात्कार की पुष्टि हुई है। लड़की के तीन टांके लगे हैं।
युवती के पिता ने थाने में तहरीर दी तो दो भाइयों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया। एसएसपी आकाश कुलहरि के अनुसार पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में यह बात भी सामने आ रही है कि लड़की के घरवालों को अस्पताल से धमकियां मिली थीं। पीड़ित लड़की सदमे की स्थिति में है।
पीड़ित युवती अस्पताल में पिछले तीन-चार महीने से बतौर अटेंडेंट काम कर रही थी। उसी अस्पताल में शिवराज और उसका भाई नरसिंह भी काम करते हैं। तहरीर के मुताबिक रविवार 14 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे पहले नरसिंह ने बहाने से युवती को कमरे में बुलाया और दुराचार की कोशिश की।
युवती ने भागकर खुद को बचाया। इसके बाद दो बजे अटेंडेंट शिवराज ने अस्पताल की पहली मंजिल पर डॉक्टर के कमरे में काम के बहाने युवती को बुलाया। युवती जैसे ही कमरे में अंदर पहुंची उसके भाई नरसिंह ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और शिवराज ने दुराचार किया।
जख्मी हालत में उसने अपने पिता को फोन किया तो वह उसे घर ले गए। युवती की मां ने फोन पर महिला डॉक्टर को जानकारी दी तो उन्होंने उसे अस्पताल बुलाया और प्रारंभिक उपचार कराया।
पिता का आरोप है कि उसे पैसों का लालच देकर मुंह बंद रखने को कहा गया। युवती के माता-पिता ने पुलिस में जाने बात कही को जान से मारने की धमकी दी गई। फिलहाल दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।