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कारतूस कांड मामले में कोर्ट नहीं पहुंचे गवाह, सुनवाई टली

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कारतूस कांड: कोर्ट नहीं पहुंचे गवाह, सुनवाई टली
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हाईकोर्ट से भी हो रही है मामले की निगरानी, 11 मार्च को होगी अगली सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। सूबे के चर्चित कारतूस कांड में सोमवार को कोर्ट में तारीख थी। जिसमें गवाह के कोर्ट न पहुंचने के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई 11 मार्च को होगी।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में 26 अप्रैल 2010 को लखनऊ एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ राम-रहीम पुल के नीचे से पीएसी के सेवानिवृत्त दरोगा यशोदानंदन को गिरफ्तार करते हुए कारतूस कांड का खुलासा किया था। एसटीएफ ने इस दौरान सीआरपीएफ के हवलदार विनोद और विनेश को भी गिरफ्तार किया था। एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकदी और कारतूस बरामद किए थे। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और पूछताछ के आधार पर मुरादाबाद पीटीसी में तैनात आर्मोरर नाथीराम सैनी को भी गिरफ्तार किया था। यशोदानंदन की निशानदेही पर इलाहाबाद, कानपुर, झांसी, मऊ आदि जनपदों से भी अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट में ट्रायल के दौरान मुख्य आरोपी यशोदानंदन की मौत हो चुकी है। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
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यह मामला एडीजे द्वितीय विजय कुमार की कोर्ट में चल रहा है, जिसमें सोमवार को तारीख थी। जिसमें एसटीएफ के हेड कांस्टेबल मिथलेश कुमार झा की गवाही होनी थी, लेकिन वह कोर्ट नहीं पहुंचे। जिसकी वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता देवेंद्र कुमार नंदा ने बताया कि गवाह के न पहुंचने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी।
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