मैदानी और पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश से कोसी नदी उफान पर आ गई है। कोसी नदी में 26839 क्यूसेक पानी रामनगर बैराज से छोड़ दिया गया, जिससे जनपद के कई गांवों पर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। फसलें जलमग्न हो गई हैं। अफसरों ने भी कोसी नदी के बांध पर पहुंचकर जल स्तर का जायजा लिया। लगातार हो रही बारिश के बाद प्रशासन भी अलर्ट पर आ गया है।
जिलाधिकारी ने जिले के सभी अधिकारियों को बाढ़ के लिए तैयार रहने को कहा है साथ ही उनकी छुट्टियां भी रद्द कर दी है। प्रशासन जल स्तर पर पूरी तरह निगाह बनाए हुए है। दो दिन से मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश हो रही है, जिससे नदियों का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ना शुरू हो गया है । शनिवार की रात्रि रामनगर बैराज से कोसी नदी में 26839 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसका असर कोसी नदी पर दिखने लगा है । बारिश से कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है ।
वैसे कोसी नदी के खतरे का निशान 197.83 मीटर है लेकिन अभी तक नदी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है । अनुमान है कि ऐसे ही लगातार मैदानी और पहाड़ी इलाकों में बारिश होती रही और रामनगर बैराज से पानी छोड़ा गया तो नदी कभी भी खतरे के निशान को पार कर सकती है और बांध को भारी नुकसान हो सकता है। क्योंकि बांध जगह -जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है और उसमें बड़ी बड़ी दरारें पड़ चुकी है।
रविवार को कोसी नदी में पानी आ जाने से नदी उफान पर आ गई। पसियापुरा गांव में चारो ओर से पानी पहुंच गया, इसके बाद से यहां के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । कोसी नदी से सटे गांव फाजलपुर,बंदरपुर, धनोरी, मधुपुरी, धनपुर शाहदरा, सोनकपुर, रसूलपुर फरीदपुर आदि गांव के ग्रामीणों को पशुओं का चारा लाने के लिए जान जोखिम में डाल कर उफनाई नदी पार जाना पड़ रहा है। कोसी नदी के अलावा पीलाखार नदी में भी हलचल बढ़ी है।
इस वक्त पीलाखार नदी भी जलस्तर बढ़ने से उफान पर है। तहसीलदार कृष्ण गोपाल मिश्रा ने बताया कि रामनगर बैराज से कोसी नदी में शनिवार की रात्रि 26839 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, इसके बाद सभी बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को सचेत रहने के निर्देश जारी किए गए है। दूसरी ओर लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी ने जिले के सभी एसडीएम समेत अन्य अफसरों को सतर्क कर दिया है। साथ ही अफसरों की छुट्टी भी रद्द कर दी गई हैं। जिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों को सतर्क किया है। साथ ही बाढ़ के पानी पर पूरी तरह निगाह रखने के निर्देश जारी किए हैं।