मानसून की शुरुआत ने शहर में जलनिकासी इंतजामों की पोल खोल दी है। शनिवार के बाद रविवार को भी हुई झमाझम बारिश से शहर के गली-मुहल्ले ताल-तलैया में बदल गए। नालियां चोक होने से पानी उफनाकर गलियों में भर गया। बारिश रुकने के तीन घंटे बाद तक गलियों में पानी भरा रहा। पानी की वजह से कुछ जगहों में दुकानदारों ने दोपहर बाद दुकानें खोली। गंदे पानी में हिलकर लोगों को निकलना पड़ा।
रविवार सुबह भी जिले भर में जोरदार बारिश हुई। आसमान में छाए मेघा घंटों बरसे। इस बारिश ने लोगों को चिलचिलाती गर्मी और धूप से राहत दी तो जलभराव की मुसीबत भी। शहर के कई मोहल्लों से लेकर सड़कों तक बारिश का पानी नालियों के पानी से मिलकर भर गया।
विकास नगर, पत्थरों का थम, नालापार का कुछ हिस्सा, पनवड़िया में लोगों को जलभराव की समस्या से अधिक जूझना पड़ा। आगापुर रोड पर पैदल तो दूर की बात वाहनों तक का चलना दूभर हो गया। सड़क किनारे की मिट्टी और बारिश से खस्ताहाल सड़क पर जगह-जगह हुए जलभराव से दो पहिया वाहन चालकों व पैदल राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। पनवड़िया में भमरौवा मोड़ पर क्षतिग्रस्त सड़क पर काफी जलभराव हो गया, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई।