रामपुर। विधानसभा चुनाव में महिलाओं के लिए बने सखी बूथों पर भी आधी आबादी मतदान में पीछे रही। जिले में बने 29 सखी बूथों में से सिर्फ एक बूथ पर महिलाएं वोट डालने के मामले में पुरुषों से आगे रहीं। जबकि, 28 सखी बूथों पर महिलाएं वोट डालने के मामले में पुरुषों से पीछे ही रहीं। यह हाल तब है जब चुनाव आयोग ने सखी बूथों पर पीठासीन अधिकारी से लेकर पुलिस कर्मी तक महिलाएं ही तैनात की गई थीं। इसके बाद भी महिलाओं में मतदान के लिए उत्साह कम नजर आया।
रामपुर में विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण में मतदान हुआ। जिले की पांच विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले गए थे। चुनाव आयोग की ओर से इस बार मतदान केंद्रों पर महिलाओं के लिए अलग-अलग बूथ भी बनाए थे, जहां पीठासीन अधिकारी से लेकर सुरक्षा कर्मी तक महिलाएं ही तैनात थीं। इसका उद्देश्य था कि महिलाएं अधिक मतदान करें लेकिन, इन सखी बूथों पर भी मतदान में महिलाओं का योगदान पुरुषों की अपेक्षा कम रहा। रामपुर विधानसभा क्षेत्र के सिर्फ 261 नंबर बूथ जिला परिषद स्थित कमरा नंबर तीन पर महिलाओं ने पुरुषों से अधिक मतदान किया। बाकी, हर बूथ पर मतदान के मामले में पुरुष ही आगे रहे। यही नहीं इन बूथों में बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक मतदान हुआ, जहां 66.25 फीसदी मतदान हुआ। जबकि, सबसे कम मतदान के मामले में चमरौआ विधानसभा क्षेत्र रहा। यहां छह बूथों पर सिर्फ 29.58 फीसदी मतदान हुआ है। इसके अलावा मिलक विधानसभा क्षेत्र के पांच सखी बूूथों पर 58.44 प्रतिशत, स्वार विधानसभा क्षेत्र के पांच बूथों पर 54.15 प्रतिशत, रामपुर विधानसभा क्षेत्र के छह बूथों पर 43.32 प्रतिशत मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।