कई माह से फुंका ट्रांसफार्मर न बदले जाने और गेहूं की फसल का मुआवजा न मिलने से आक्रोशित बरा गजेजा ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। मतदान बहिष्कार की सूचना पर प्रशासन भी सकते में आ गया। आनन-फानन में एसडीएम, सीओ और जेई मौके पर पहुंचे।
काफी-मान मनोव्वल और शीघ्र समस्या के समाधान पर ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे से अधिक समय के बाद मतदान शुरू किया। कुछ देर बाद ही फिर ग्रामीणों ने मतदान बंद कर दिया। इसके बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे से गांव में मतदान शुरू हुआ। मंगलवार को मिलक क्षेत्र में जिला और क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए मतदान हुआ।
जिले में हुए दूसरे चरण के मतदान में भी पहले चरण की तरह ग्रामीणों की समस्याओं की अनदेखी मतदान पर भारी पड़ी। पहले चरण में भोट क्षेत्र में ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार कर दिया था। मंगलवार को मिलक के बरा गजेजा के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में आठ माह से ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है।
गांव की आबादी के हिसाब से ट्रांसफार्मर की क्षमता भी बढ़नी चाहिए। बिजली विभाग के कर्मी इसके लिए मोटी रिश्वत मांग रहे हैं। ग्रामीणों ने लेखपाल पर भी आरोप लगाया कि उसने ओलावृष्टि से बर्बाद हुई गेहूं की फसल का मुआवजा अभी तक नहीं दिया है। झुब्ध ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया।
बहिष्कार की सूचना पर एसडीएम अली हसन कर्नी, सीओ दिनेश कुमार शुक्ला और जेई जय हिंद गांव पहुंच गए। एसडीएम और जेई ने ट्रांसफार्मर दस दिन में बदलने और क्षमता बढ़ाने के लिए एस्टीमेट भेजे जाने की बात कही। इसके बाद ग्रामीणों ने मतदान शुरू किया।
कुछ देर बाद सात दिनों में ही ट्रांसफार्मर बदले जाने की मांग को लेकर ग्रामीण अड़ गए थे। फिर मतदान का बहिष्कार कर दिया। स्थानीय प्रतिनिधियों और नेताओं की ओर से समझाने-बुझाने पर ग्रामीणों ने दोपहर करीब डेढ़ बजे से मतदान दोबारा शुरू किया।